Jaipur जयपुर: इस साल दिसंबर में जयपुर में आयोजित होने वाले ‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 से पहले राज्य सरकार ने निवेशकों को राजस्थान में निवेश का रास्ता सुगम बनाने के लिए कारोबार की लागत कम करने और नियामकीय लालफीताशाही में कटौती का आश्वासन दिया है। राज्य के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि "सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में राज्य के सकल घरेलू उत्पाद को मौजूदा 15 लाख करोड़ रुपये से दोगुना करके 30 लाख करोड़ रुपये करना है और 'राइजिंग राजस्थान' ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 में निवेश जुटाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इसके लिए सरकार दो व्यापक शीर्षकों के तहत व्यापार करने में आसानी लाने की दिशा में काम कर रही है- व्यापार करने की लागत कम करना और लालफीताशाही को कम करना।" निवेश शिखर सम्मेलन के संबंध में एक प्रेस वार्ता में राठौड़ ने कहा कि हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती निवेशकों के उन कड़वे अनुभवों को मिटाना है, जो उन्हें पिछली सरकार के दौरान मिले हैं। राठौड़ ने कहा कि पिछली सरकार ने ऊंची कीमतों पर नीलाम की गई औद्योगिक जमीनों को बेचकर पैसा कमाया। नतीजतन, जिन लोगों ने उन जमीनों को खरीदा, उन्होंने वहां उद्योग लगाने के बजाय उनका इस्तेमाल रियल एस्टेट के लिए किया। पिछली सरकार में जमीनें तो बिक गईं, लेकिन एक भी उद्योग नहीं लगा।
उन्होंने कहा कि यह शिखर सम्मेलन राजस्थान को सबसे अधिक व्यापार-अनुकूल राज्यों में से एक के रूप में प्रदर्शित करने का एक अवसर है, जो औद्योगिक परिदृश्य को निवेशक-अनुकूल बनाने के लिए बड़े पैमाने पर प्रशासनिक सुधार कर रहा है। राजस्थान में पहली बार, शिखर सम्मेलन वैश्विक स्तर पर आयोजित किया जा रहा है, जिसके लिए भागीदार देशों और भागीदार अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ गठजोड़ करके काम किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार द्वारा कई नई नीतियां शुरू की जाएंगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अर्थव्यवस्था के सभी प्रमुख क्षेत्र सरकार के निवेशक-अनुकूल दृष्टिकोण के अनुरूप हों।
Tags: