CM गहलोत ने जोधपुर में जयनारायण व्यास स्मृति भवन टाउन हॉल का किया लोकार्पण

Update: 2023-09-04 09:39 GMT
सीएम अशोक गहलोत रविवार को जोधपुर में श्री जयनारायण व्यास स्मृति भवन टाउन हॉल के लोकार्पण और सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को महापुरुषों के त्याग, बलिदान और सामाजिक उन्नयन के लिए किए गए उनके कार्यों से प्रेरणा लेनी चाहिए। कला हमारी महत्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर है। कलाओं का संरक्षण और कलाकारों को प्रोत्साहन देना राज्य सरकार का दायित्व है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री और स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय जयनारायण व्यास का कला से गहरा नाता था। उन्होंने जीवन में कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। 11.50 करोड़ की लागत से नवीनीकृत इस 60 साल पुराने टाउन हॉल के द्वारा स्वर्गीय व्यास की स्मृतियों के संरक्षण के साथ-साथ कलाकारों को अपनी कला प्रदर्शन हेतु एक उपयुक्त वातावरण मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि नृत्य, नाटक और संगीत कला को प्रोत्साहन देने के लिए जयपुर के रवीन्द्र मंच को मल्टी कल्चरल सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने राजस्थान में लोक कलाकारों से उनके उत्थान के लिए चलायी जा रही योजनाओं का पूरा लाभ लेने का आह्वान किया।
कला और कलाकारों को मिल रहा प्रोत्साहन
गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार अपनी योजनाओं से लोक कलाओं के संरक्षण एवं कलाकारों को प्रोत्साहित करने का कार्य कर रही है। राज्य सरकार द्वारा कोरोना काल में कलाकारों को आर्थिक संबल उपलब्ध करवाया गया। लोक कला प्रोत्साहन योजना के तहत कलाकारों को रोजगार देने, नए वाद्य यंत्रों की खरीद के लिए राशि उपलब्ध करवाने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में कला उत्सवों के आयोजन से कलाकारों को आजीविकोपार्जन में सहायता मिली है। कलाकार कल्याण कोष के लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। पूर्व कार्यकाल में भी कलाकारों, लेखकों और साहित्यकारों के लिए अतिरिक्त बजट आवंटित किया गया था।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान पट्टिका का अनावरण कर टाउन हॉल का लोकार्पण और अवलोकन किया। कार्यक्रम में उन्होंने स्व. जय नारायण व्यास की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। गहलोत ने इस दौरान ‘भारत का संविधान-राजस्थानी अनुवाद’ पुस्तिका का विमोचन किया।
कलाकारों को किया पुरस्कृत
मुख्यमंत्री ने राजस्थान संगीत नाटक अकादमी के वर्ष 2023-24 के लिए वरिष्ठ नाट्य निर्देशन विधा में उदयपुर क भानु भारती को सर्वोच्च रत्न से सम्मानित किया। उन्होंने शास्त्रीय विधा में सुमन यादव, शास्त्रीय वादन वायलिन में रवि पंवार, शास्त्रीय नृत्य कत्थक विधा में गीता रघुवीर, लोक संगीत गायन में भूगड़े खां, लोक संगीत में परवीन मिर्जा, लोक नृत्य में डॉ. रूपबसिंह शेखावत, लोक कला कठपुतली में खैरातीराम भाट, लोक नाट्य में दिलीप भट्ट, सुगम संगीत में रफीक सागर, नाट्य-लेखन में अशोक राही, नाट्य-अभिनय में गीता भट्टाचार्य, नाट्य-निर्देशन में साबिर खान, नाट्य-रूप सज्जा में राधेलाल, कला समग्र साधना में शरद कुमार तैंलग को पुरस्कार से सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने शास्त्रीय गायन विधा में सौरभ वशिष्ठ, तबला वादन में अशीष रागवानी, कथक नृत्य में चारू शर्मा, भपंग वादन में यूसुफ खान मेवाती, सुगम संगीत गायन में स्वागत राठौड़, रंगमंच में कविराज लईक को युवा पुरस्कार से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने समारोह में पखावज वादन विधा में अबीर तिवारी, शास्त्रीय गायन में चैतन्य सहल, कथक नृत्य में तनिष्का श्रीवास्तव को बाल पुरस्कार से सम्मानित किया।
कला और संस्कृति मंत्री डॉ. बीडी कल्ला ने कहा कि प्रदेश सरकार संस्कृति के संरक्षण और प्रोत्साहन के लिए बड़े स्तर पर काम कर रही है। कलाकार प्रदेश की लोक कलाओं को व्यापक पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। राजस्थान मेला प्राधिकरण के उपाध्यक्ष रमेश बोराणा ने प्रदेश में राज्य सरकार द्वारा कला जगत और कलाकारों के कल्याण के लिए किए जा रहे कार्यों के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह टाउन हॉल देश के बेहतरीन थियेटर के रूप में यह अपनी पहचान कायम करेगा। राजस्थान संगीत नाटक अकादमी की अध्यक्ष बिनाका जैश मालू ने कहा कि राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं से कलाकारों को निरंतर प्रोत्साहन दे रही है।
समारोह में कला एवं संस्कृति विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़, राज्य पशुधन विकास बोर्ड के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह सोलंकी, राजस्थान बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष संगीता बेनीवाल, विधायक मनीषा पंवार, महेंद्र विश्नोई, महापौर कुन्ती देवड़ा परिहार, माडा उपाध्यक्ष कीर्ति सिंह भील, संभागीय आयुक्त बीएल मेहरा, आईजी रेंज जयनारायण शेर, जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता, पुलिस आयुक्त रवि दत्त गौड़ सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कलाकार, कलाप्रेमी और आमजन उपस्थित रहे।
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