राजस्थान के MPLAD फंड हरियाणा में डायवर्ट? उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेम चंद बैरवा ने उठाए सवाल
Rajasthan राजस्थान: उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेम चंद बैरवा ने मंगलवार को बीजेपी द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राजस्थान के सांसदों के MPLAD फंड का दूसरे राज्य में इस्तेमाल करना चिंता का विषय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सांसदों द्वारा फंड का दुरुपयोग या अन्य राज्यों में डायवर्ट करना राजस्थान के विकास के लिए हानिकारक है।
डॉ. बैरवा ने कहा, "मैंने पहली बार ऐसी स्थिति देखी है। अगर सांसद अपने फंड का इस्तेमाल दूसरे राज्य में कर रहे हैं, तो इससे सवाल उठता है कि वे किसके प्रभाव में हैं या क्या वे अपने नेता को खुश करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे काम राजस्थान के विकास के लिए नुकसानदायक हैं। राजस्थान के लिए अलॉट किया गया फंड और उसके सांसदों का फंड सिर्फ राजस्थान में ही इस्तेमाल होना चाहिए। उपमुख्यमंत्री ने यह भी जोर देकर कहा कि MPLAD फंड का उद्देश्य स्थानीय विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, जलसंरक्षण और ग्रामीण क्षेत्र की मूलभूत जरूरतों को पूरा करना है। किसी अन्य राज्य में इसे खर्च करना न सिर्फ नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे राजस्थान के लाभार्थी प्रभावित होंगे।
राजस्थान सरकार और संबंधित विभाग अब इस मामले की जांच करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि सांसद निधि का इस्तेमाल केवल राजस्थान में ही हो। डॉ. बैरवा ने कहा कि बीजेपी के आरोपों से ध्यान भटकाने का प्रयास हो सकता है, लेकिन राज्य सरकार फंड के सही और पारदर्शी उपयोग पर कड़ी नजर रख रही है। उन्होंने बताया कि MPLAD फंड सीधे सांसदों द्वारा जिला प्रशासन और स्थानीय निकायों के माध्यम से योजनाओं में लगाया जाता है। इसका लक्ष्य क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देना और लोगों तक सरकारी सुविधाओं को पहुंचाना है। किसी भी तरह के डायवर्शन से स्थानीय विकास बाधित होता है और जनता को हानि होती है।
राजस्थान के विभिन्न जिलों में पहले ही कई विकास कार्य MPLAD फंड के माध्यम से पूरे किए जा चुके हैं। स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण, ग्रामीण सड़कों की मरम्मत, स्कूलों की सुविधा और जल परियोजनाओं में यह निधि महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। डॉ. बैरवा ने कहा कि ऐसे मामले सामने आने पर अधिकारियों को तुरंत रिपोर्ट करनी चाहिए और फंड का इस्तेमाल सही दिशा में हो। राजस्थान सरकार इस मामले पर पूरी तरह सतर्क है और सुनिश्चित करेगी कि भविष्य में सांसद निधि केवल राज्य के विकास कार्यों में ही निवेशित हो। उन्होंने बीजेपी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि आरोप लगाने से पहले तथ्यों की जांच करना आवश्यक है। उपमुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश है कि राजस्थान का विकास ही प्राथमिकता है और इसके लिए प्रत्येक संसाधन का सही, पारदर्शी और प्रभावी उपयोग होना चाहिए।