Ajmer: गिव-अप अभियान सक्षम व्यक्तियों को स्वेच्छा से नाम हटवाने की अंतिम तिथि 31 जनवरी
Ajmer अजमेर । राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में चयनित सक्षम व्यक्तियों को स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा योजना से नाम हटवाने के लिए गिच-अप अभियान चलाया जा रहा है। 31 जनवरी 2025 तक चलने वाले अभियान के दौरान यदि सक्षम व्यक्ति अपने नाम नहीं हटवाते है, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (एनएफएसए) में चयनित सक्षम व्यक्तियों के नाम स्वेच्छा से हटाने के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने गिव अप अभियान चलाया है. जिसका उद्देश्य अपात्र व्यक्तियों को चिन्हित कर योजना का लाभ सही पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाना है।
गिव-अप अभियान के प्रचार के लिए प्रत्येक राशन की दुकान पर पोस्टर और फ्लेक्स लगाए जा रहे है, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक इसकी जानकारी पहुंच सकें। अभियान के तहत सभी राशन की दुकानों पर सक्षम व्यक्तियों के भरने के लिए फॉर्म रखवा दिये गये हैं।
गिव-अप अभियान के तहत आयकरदाता, चौपहिया वाहन धारक, सरकारी कर्मचारी, अर्द्ध तरकारी कर्मचारी, स्वायत्त संस्थाओं में कर्मचारी एवं अधिकारी, एक लाख से अधिक वार्षिक पारिवारिक आय एवं परिवार में किसी सदस्य के पास चार पहिया वाहन हो (ट्रेक्टर एवं एक वाणिज्यिक वाहन जो जीविकोपार्जन में प्रयोग आता हो को छोड़कर) निष्कासन सूची में सम्मिलित है। सक्षम व्यक्ति अपने क्षेत्रा के राशन दुकानदार के पास जाकर निर्धारित फॉर्म भरकर योजना से अपना नाम हटवा सकते हैं। स्वेच्छा से नाम हटाने का यह फॉर्म जिले की सभी राशन दुकानों पर उपलब्ध है। रसद विभाग ने चेतावनी दी है कि 31 जनवरी 2025 तक नाम नहीं हटवाने वाले अपात्रा और सक्षम व्यक्तियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कार्यवाही की जाएगी। सरकार द्वारा बार-बार समय देने के उपरान्त भी यदि ऐसे सक्षम व्यक्ति जो गरीबों को चलाई जाने वाली खाद्य सुरक्षा योजना का अनुचित लाभ सालों से उठा रहे हैं। उन व्यक्तियों से अभी तक लिये गये खाद्यान्न की वसूली बाजार दर (लगभग 27 रूपये प्रति किलो) से ब्याज सहित वसूली की जायेगी। गिव-अप अभियान के पश्चात् भी योजना से नाम नहीं हटवाने वाले व्यक्तियों से रिकवरी राशि वसूली के साथ आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्रावधानों के तहत कानूनी कार्यवाही भी कि जायेगी।
विभाग को अब तक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में चयनित सक्षम लगभग 900 व्यक्तियों द्वारा इस गिव-अप अभियान के तहत आवेदन पत्र प्राप्त हो चुके हैं, जिसमें आवेदकों द्वारा स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा योजना का परित्याग किया है। जिला रसद अधिकारी (प्रथम) रतन कौर तथा जिला रसद अधिकारी (द्वितीय) नीरज कुमार जैन ने अधिक से अधिक सक्षम व्यक्तियों से योजना का लाभ लेने तथा भारी पेनल्टी से बचने का आहवान किया है।