अजमेर: एसीबी जयपुर टीम ने 2 करोड़ रुपए की रिश्वत मांगने की आरोपी एसओजी अजमेर चौकी की एडिशनल एसपी दिव्या मित्तल को मंगलवार को अजमेर स्थित एसीबी की विशेष अदालत के समक्ष पेश किया। यहां से उसे अदालत ने पूछताछ के लिए 3 दिन के रिमांड पर सौंपा है। इस दौरान एसीबी की टीम आरोपित मित्तल से उसका मोबाइल फोन बरामद करने सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज बरामद करने का प्रयास करेगी। एसीबी की टीम उसे जयपुर से पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के बीच लेकर शाम को अजमेर पहुंची। अदालत में पेशी के दौरान आरोपित एडिशनल एसपी दिव्या मित्तल के चेहरे पर कोई शिकन नहीं देखी गई। इस दौरान वह मुस्कुराते हुए दिखाई दी। साथ ही वह अपने एक रिश्तेदार से भी बातचीत करती दिखाई दी, जो उसका भाई बताया जा रहा था।

फाइल ट्रांसफर के लिए झूठा फंसाया

इस दौरान आरोपित दिव्या की ओर से एडवोकेट प्रीतम सिंह सोनी ने अदालत में कहा कि दिव्या मित्तल को बेवजह झूठे आरोप में फंसाया जा रहा है। दिव्या की ओर से न तो शिकायतकर्ता से कभी कोई डिमांड की गई और न ही किसी तरह का पैसा लिया गया है। वे अलवर गेट और रामगंज थाने में दर्ज नशीली दवाओं के 3 मुकदमे के मामले में अनुसंधान कर रही थी। जिसमें कई बड़े दवा कम्पनी संचालक आरोपी के रूप में सामने आ रहे हैं जिन्हें गिरफ्तार होने का डर था। इसलिए उन लोगों ने नशीली दवा प्रकरण की जांच उनसे हटाने के लिए यह षड्यंत्र रचा है।

दलाल की सरगर्मी से तलाश

एसीबी मामले में दलाल की भूमिका निभा रहे बर्खास्त सिपाही सुमित कुमार की सरगर्मी से तलाश कर रही है। एसीबी रिमाण्ड के दौरान दिव्या मित्तल से भी गहनता से पूछताछ कर रही है। वह उससे सुमित के छिपने के स्थान के संबंध में जानकारी लेकर उसे जल्द गिरफ्तार करेगी।

Tags: