Amritsar.अमृतसर: पंजाब के तरनतारन जिले के शेरोन क्षेत्र में स्थित चीनी मिल को बेचने के प्रस्ताव के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह निर्णय उनकी आजीविका और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था पर सीधा असर डाल सकता है, इसलिए इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।
जानकारी के अनुसार, जैसे ही चीनी मिल को निजी हाथों में बेचने या इसके पुनर्गठन की चर्चा सामने आई, आसपास के गांवों के लोग एकजुट होकर विरोध में उतर आए। ग्रामीणों ने मिल के बाहर एकत्र होकर नारेबाजी की और प्रशासन से इस फैसले पर पुनर्विचार की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह चीनी मिल वर्षों से क्षेत्र के किसानों और मजदूरों के लिए रोजगार का प्रमुख साधन रही है। यहां गन्ना लेकर आने वाले किसानों को स्थानीय स्तर पर ही भुगतान और सुविधा मिलती है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। मिल के बंद होने या बिक्री से हजारों परिवारों की आजीविका प्रभावित होने की आशंका है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिना स्थानीय लोगों से सलाह लिए यह कदम उठाया जा रहा है, जो पूरी तरह से जनविरोधी है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर फैसला वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
स्थानीय किसान संगठनों ने भी इस विरोध का समर्थन किया है और कहा है कि सरकार को पहले क्षेत्रीय किसानों की जरूरतों और रोजगार पर इसके प्रभाव का आकलन करना चाहिए। संगठनों ने मांग की है कि मिल को बंद करने या बेचने के बजाय इसे आधुनिक बनाकर फिर से चालू किया जाए।
प्रशासन की ओर से फिलहाल स्थिति पर नजर रखी जा रही है और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि उनकी मांगों को उच्च स्तर तक पहुंचाया जाएगा।
इस बीच, इलाके में माहौल तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताया जा रहा है। पुलिस बल को एहतियात के तौर पर मौके पर तैनात किया गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
तरनतारन में शेरोन चीनी मिल को लेकर उठा यह विवाद अब राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बनता जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में और तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।