संगरूर। पंजाब और आसपास के राज्यों में पर्याप्त बारिश नहीं होने का असर अब सब्जियों की आवक पर साफ दिखाई देने लगा है। मंडियों में सब्जियों की आपूर्ति कम होने के कारण पिछले करीब एक सप्ताह में कई प्रमुख सब्जियों के दाम अचानक बढ़ गए हैं। बढ़ती कीमतों ने आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है और लोग जरूरत के मुताबिक ही सब्जियां खरीदने को मजबूर हो रहे हैं।
आमतौर पर सब्जियों के दाम में बढ़ोतरी सितंबर महीने के आसपास देखने को मिलती है, लेकिन इस बार अगस्त में ही बाजार में तेजी आ गई है। कारोबारियों के मुताबिक कमजोर मानसून और बारिश की कमी के कारण खेतों में सब्जियों की पैदावार प्रभावित हुई है। इसका सीधा असर मंडियों में आने वाली मात्रा पर पड़ा है और कम आवक के कारण कीमतें बढ़ रही हैं।
आवक कम होने से बढ़े सब्जियों के भाव
सब्जी कारोबारियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से मंडियों में कई तरह की सब्जियों की आवक सामान्य से कम हो गई है। पंजाब के साथ आसपास के राज्यों से आने वाली सब्जियों की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। जब मंडियों में माल कम पहुंचता है तो मांग के मुकाबले उपलब्धता घट जाती है और इसका असर खुदरा बाजार की कीमतों पर पड़ता है।
व्यापारियों के अनुसार, मौसम की स्थिति और खेतों में उत्पादन के कारण आने वाले दिनों में भी कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। यदि पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो सब्जियों की अगली फसल पर भी असर पड़ने की आशंका है।
आम आदमी की रसोई पर सीधा असर
सब्जियों के दाम बढ़ने का सबसे अधिक असर घरेलू बजट पर पड़ रहा है। घरों में रोजाना इस्तेमाल होने वाली सब्जियों की कीमतें बढ़ने से परिवारों को खर्च का हिसाब बदलना पड़ रहा है।
पहले जहां लोग अपनी पसंद के अनुसार दो-तीन प्रकार की सब्जियां खरीद लेते थे, वहीं अब कई परिवार कीमत देखकर मात्रा कम कर रहे हैं। कुछ लोग महंगी सब्जियों की जगह अपेक्षाकृत सस्ती उपलब्ध सब्जियों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
महंगाई के बीच सब्जियों के दाम बढ़ने से रसोई का खर्च और बढ़ गया है। परिवारों का कहना है कि पहले से ही खाद्य पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी का असर महसूस किया जा रहा है और अब सब्जियां महंगी होने से मासिक बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
तड़के का जायका हुआ फीका
सब्जियां भारतीय रसोई का अहम हिस्सा हैं। रोजमर्रा के भोजन में आलू, प्याज, टमाटर और हरी सब्जियों का इस्तेमाल बड़ी मात्रा में होता है। ऐसे में इनके दाम बढ़ने से आम परिवारों की परेशानी बढ़ना स्वाभाविक है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि अब सब्जी खरीदने से पहले कीमत पूछना जरूरी हो गया है। कई लोग बाजार में अलग-अलग दुकानों पर भाव की तुलना करने के बाद खरीदारी कर रहे हैं। कुछ परिवारों ने महंगी सब्जियों की खपत कम कर दी है।
महंगाई के कारण रसोई में बनने वाले भोजन के विकल्प भी सीमित होने लगे हैं। लोगों का कहना है कि रोजमर्रा की सब्जियों के दाम बढ़ने से घर के खाने का स्वाद तो प्रभावित हुआ ही है, साथ ही भोजन पर होने वाला खर्च भी बढ़ गया है।
सितंबर से पहले ही दिखने लगी तेजी
आमतौर पर सब्जियों की कीमतों में मौसमी तेजी सितंबर के आसपास देखने को मिलती है। इस दौरान बारिश, फसल के बदलाव और मंडियों में आवक प्रभावित होने के कारण कई सब्जियों के दाम बढ़ जाते हैं।
लेकिन इस वर्ष अगस्त में ही तेजी दिखाई देने लगी है। कारोबारियों का मानना है कि कमजोर मानसून इसकी प्रमुख वजहों में से एक हो सकता है। पर्याप्त वर्षा नहीं होने से कई क्षेत्रों में खेती प्रभावित हुई है और इसका असर सब्जियों की उपलब्धता पर पड़ा है।
यदि आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति में सुधार नहीं होता है तो किसानों के साथ-साथ उपभोक्ताओं के लिए भी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
किसानों पर भी मौसम की मार
सब्जियों के दाम बढ़ने से जहां उपभोक्ता परेशान हैं, वहीं कमजोर बारिश किसानों के लिए भी चिंता का कारण बनी हुई है। सब्जियों की अच्छी पैदावार के लिए पर्याप्त पानी जरूरी होता है। बारिश कम होने की स्थिति में सिंचाई पर किसानों का खर्च बढ़ सकता है।
इसके अलावा गर्मी और नमी की स्थिति में फसल की गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा भी रहता है। उत्पादन कम होने पर किसानों को बाजार में बेहतर कीमत मिल सकती है, लेकिन कुल उत्पादन घटने से आपूर्ति प्रभावित होती है और उपभोक्ताओं को महंगी सब्जियां खरीदनी पड़ती हैं।
आने वाले दिनों पर टिकी नजर
सब्जियों के कारोबार से जुड़े लोगों की नजर अब मौसम पर टिकी हुई है। यदि पंजाब और आसपास के राज्यों में अच्छी बारिश होती है तो खेतों में फसल को राहत मिल सकती है और आने वाले समय में मंडियों में आवक बढ़ने की संभावना बनेगी।
इसके विपरीत, बारिश की कमी जारी रहने पर सब्जियों की उपलब्धता और कीमतों पर दबाव बना रह सकता है। ऐसे में आने वाले कुछ सप्ताह बाजार के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
उपभोक्ताओं को राहत का इंतजार
सब्जियों की बढ़ती कीमतों के बीच उपभोक्ताओं को अब राहत की उम्मीद है। लोगों का कहना है कि रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि होने से घरेलू बजट संभालना मुश्किल होता जा रहा है।
संगरूर समेत पंजाब के कई इलाकों में सब्जियों की कीमतों में अचानक आई तेजी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल कमजोर मानसून और कम आवक को बढ़ते दाम की प्रमुख वजह माना जा रहा है। अगर मौसम में सुधार होता है और मंडियों में सब्जियों की आपूर्ति बढ़ती है तो कीमतों में राहत मिल सकती है। फिलहाल महंगी सब्जियों ने आम आदमी की रसोई का जायका जरूर फीका कर दिया है।