Punjab.पंजाब: पंजाब के एक गांव में स्थित स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े ऐतिहासिक गुज्जरवाल स्कूल (Gujjarwal School) को बचाने के लिए ग्रामीणों ने एकजुट होकर बड़ा आंदोलन शुरू किया है। यह स्कूल न केवल शिक्षा का केंद्र रहा है, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इसकी ऐतिहासिक भूमिका भी मानी जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह पुराना स्कूल भवन वर्षों से उपेक्षा का शिकार रहा है और अब इसकी स्थिति जर्जर होती जा रही है। कई हिस्सों में दीवारें कमजोर हो चुकी हैं और छत को भी नुकसान पहुंचा है। ऐसे में इसके पूरी तरह से नष्ट होने का खतरा बढ़ गया है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि इस स्कूल ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान कई महत्वपूर्ण घटनाओं को देखा है और यह क्षेत्र के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है। इसलिए इसे बचाना केवल एक भवन को संरक्षित करना नहीं, बल्कि इतिहास को सुरक्षित रखना है।
ग्रामीणों ने मिलकर एक समिति बनाई है, जो इस ऐतिहासिक स्कूल के संरक्षण के लिए प्रशासन से लगातार संपर्क कर रही है। समिति ने मांग की है कि इस भवन को संरक्षित धरोहर घोषित किया जाए और इसके पुनर्निर्माण एवं रखरखाव के लिए विशेष फंड जारी किया जाए।
गांव के युवाओं और बुजुर्गों ने मिलकर प्रदर्शन भी किया और प्रशासन से अपील की कि इस ऐतिहासिक धरोहर को पूरी तरह से खत्म होने से बचाया जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो यह महत्वपूर्ण इतिहास हमेशा के लिए खो सकता है।
Gujjarwal School को लेकर विशेषज्ञों का भी मानना है कि ऐसे ऐतिहासिक स्थलों का संरक्षण जरूरी है, क्योंकि यह आने वाली पीढ़ियों को उनके इतिहास और संस्कृति से जोड़ते हैं।
प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया है कि मामले की जांच की जाएगी और स्कूल की स्थिति का आकलन कर उचित कदम उठाए जाएंगे। अधिकारियों ने कहा है कि यदि यह स्थल ऐतिहासिक महत्व का पाया जाता है, तो इसके संरक्षण के लिए योजना बनाई जाएगी।
फिलहाल, ग्रामीणों की यह मुहिम लगातार जारी है और पूरे गांव में इस ऐतिहासिक धरोहर को बचाने को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। यह संघर्ष न केवल एक भवन के लिए है, बल्कि इतिहास और पहचान को बचाने की कोशिश भी है।