चंडीगढ़। सिख कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर शनिवार को चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर कौमी इंसाफ मोर्चा के प्रदर्शन के दौरान तनावपूर्ण स्थिति बन गई। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के चंडीगढ़ स्थित आधिकारिक आवास लोक भवन की ओर मार्च करने का प्रयास कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें बैरिकेड लगाकर सीमा पर रोक दिया। कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा बैरिकेड हटाने की कोशिश किए जाने के बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और पानी की बौछार का इस्तेमाल किया।
कौमी इंसाफ मोर्चा ने जेलों में बंद सिख कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर राज्यपाल के आवास तक मार्च करने की घोषणा की थी। इनमें जगतार सिंह हवारा की रिहाई की मांग भी शामिल है। हवारा 1995 में पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है।
ट्रैक्टर से बैरिकेड हटाने की कोशिश
प्रदर्शनकारी मोहाली की ओर से चंडीगढ़ में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे। चंडीगढ़ पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर कई स्तरों में बैरिकेड लगाए थे। बैरिकेड के साथ कंटीले तार भी लगाए गए और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों तथा द्रुत कार्यबल के जवानों की तैनाती की गई थी।प्रदर्शन के दौरान कुछ लोग बैरिकेड के ऊपर चढ़ गए, जबकि कुछ प्रदर्शनकारियों ने ट्रैक्टर की सहायता से बैरिकेड खींचने और गिराने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बन गई। पुलिस ने भीड़ को पीछे हटाने के लिए पानी की तेज बौछार की और आंसू गैस के कई गोले छोड़े। के अनुसार चंडीगढ़ पुलिस ने ड्रोन के माध्यम से भी आंसू गैस के गोले गिराए। कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारी कुछ समय के लिए पीछे हटे, लेकिन सीमा पर तनाव बना रहा। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद रहे और स्थिति पर नजर बनाए रखी।
 सिमरनजीत सिंह मान हिरासत में
शिरोमणि अकाली दल अमृतसर के अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान भी अपने दो सहयोगियों के साथ पंजाब के राज्यपाल के आवास तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोककर हिरासत में ले लिया। रिपोर्ट के अनुसार मान के सिर पर पट्टी बंधी हुई थी। वह बैरिकेड के पास पहुंचे और वहीं बैठ गए। इसके बाद पुलिसकर्मी उन्हें एक वाहन में बैठाकर ले गए।
प्रदर्शन से पहले कथित तौर पर जगतार सिंह हवारा का एक वीडियो भी सामने आया था। इसमें उसने मार्च में शामिल होने वाले लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की थी। इस प्रदर्शन को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का समर्थन मिलने की जानकारी भी सामने आई थी।  में वीडियो और प्रदर्शन को मिले समर्थन का उल्लेख किया गया है।
 21 अगस्त को पंजाब बंद की घोषणा
पुलिस कार्रवाई के बीच कौमी इंसाफ मोर्चा ने अपनी मांगों के समर्थन में 21 अगस्त को पंजाब बंद का आह्वान किया। मोर्चे ने पंजाब के लोगों, सामाजिक और धार्मिक संगठनों तथा व्यापारिक संस्थाओं से बंद में सहयोग करने की अपील की है। बंद के स्वरूप और इससे आवश्यक सेवाओं को अलग रखने के बारे में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
मोर्चे का दावा है कि कई सिख कैदी अपनी निर्धारित सजा पूरी करने के बावजूद देश की अलग-अलग जेलों में बंद हैं। संगठन इन कैदियों की रिहाई और जगतार सिंह हवारा से जुड़े मामलों में राहत की मांग कर रहा है। संबंधित कैदियों की रिहाई पर फैसला न्यायिक प्रक्रिया, उनकी सजा, लंबित मामलों और केंद्र तथा राज्य सरकारों के कानूनी अधिकारों के अनुसार किया जाना है।
 जनवरी 2023 से चल रहा धरना
कौमी इंसाफ मोर्चा सात जनवरी 2023 से चंडीगढ़ के सेक्टर 52-53 और मोहाली के वाईपीएस चौक के आसपास धरना दे रहा है। आंदोलनकारी जेलों में बंद लोगों के लिए बंदी सिंह शब्द का प्रयोग करते हैं। यह शब्द मुख्य रूप से उन सिख कैदियों के संदर्भ में इस्तेमाल किया जाता है, जिन्हें पंजाब में उग्रवाद के दौर से जुड़े मामलों में दोषी ठहराया गया था।
शनिवार के प्रदर्शन को देखते हुए चंडीगढ़ में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। शहर के महत्वपूर्ण प्रवेश मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा। फिलहाल स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और 21 अगस्त के प्रस्तावित बंद को देखते हुए पंजाब तथा चंडीगढ़ प्रशासन की सुरक्षा संबंधी तैयारियां भी महत्वपूर्ण रहेंगी।
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