जीरकपुर। पंजाब के जीरकपुर में एक बिल्डर के दफ्तर और प्रोजेक्ट के गेट पर दो हथियारबंद युवकों द्वारा फायरिंग किए जाने से इलाके में दहशत फैल गई। बताया जा रहा है कि दोनों हमलावर मोटरसाइकिल से पहुंचे और प्रोजेक्ट के गेट की ओर तीन फायर किए। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों मौके से फरार हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ ही हमलावरों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। शुरुआती तौर पर घटना को बिल्डर को पहले से मिल रही कथित धमकियों से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि फायरिंग के पीछे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है।

प्रोजेक्ट के गेट पर किए तीन फायर

मिली जानकारी के अनुसार, दो हथियारबंद युवक बिल्डर के प्रोजेक्ट के गेट के पास पहुंचे। इसके बाद उन्होंने गेट की तरफ तीन गोलियां चलाईं। अचानक हुई फायरिंग से आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।

वारदात के बाद दोनों हमलावर मौके से फरार हो गए। घटना के समय प्रोजेक्ट के आसपास मौजूद लोगों में भय का माहौल पैदा हो गया। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया।

पुलिस ने मौके से मिले साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हमलावर किस वाहन से आए थे और वारदात के बाद किस दिशा में फरार हुए।

बिल्डर ने बताया- एक साल से मिल रही धमकियां

बिल्डर अमित दुआ ने घटना के बाद गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि पिछले करीब एक वर्ष से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं। उनके मुताबिक, धमकियां केवल उन्हें ही नहीं बल्कि उनके परिवार के सदस्यों को भी दी जा रही थीं।

बिल्डर ने दावा किया कि उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। अब प्रोजेक्ट के गेट पर फायरिंग की घटना के बाद उन्होंने अपनी और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।

लगातार धमकियों के बाद फायरिंग की घटना सामने आने से पुलिस के लिए यह पहलू जांच में महत्वपूर्ण हो गया है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या फायरिंग पहले दी गई धमकियों से संबंधित है या इसके पीछे कोई अन्य वजह है।

इलाके में दहशत का माहौल

फायरिंग की घटना के बाद जीरकपुर के संबंधित इलाके में दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर चिंता है कि दिनदहाड़े या सार्वजनिक क्षेत्र के नजदीक हथियारबंद युवकों द्वारा फायरिंग की घटना कैसे हुई।

घटना के बाद पुलिस ने इलाके में जांच तेज कर दी है। पुलिस अधिकारियों की ओर से लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। साथ ही घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।

सीसीटीवी फुटेज से हमलावरों की तलाश

पुलिस जांच का एक प्रमुख हिस्सा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमलावर किस रास्ते से घटनास्थल तक पहुंचे और वारदात के बाद किस दिशा में गए।

फुटेज के आधार पर हमलावरों के हुलिए और उनके वाहन की पहचान करने की कोशिश की जा सकती है। इसके अलावा पुलिस यह भी जांच कर रही है कि फायरिंग से पहले या बाद में संदिग्ध युवकों की गतिविधियां आसपास के किसी अन्य कैमरे में रिकॉर्ड हुई हैं या नहीं।

धमकियों की भी जांच

बिल्डर की ओर से पिछले एक वर्ष से धमकियां मिलने के आरोप को पुलिस जांच में शामिल कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि धमकियां किस माध्यम से दी गई थीं और क्या उनके संबंध में पहले कोई शिकायत दर्ज कराई गई थी।

यदि धमकियों और फायरिंग के बीच संबंध सामने आता है तो जांच को एक महत्वपूर्ण दिशा मिल सकती है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि बिल्डर से किसी तरह की मांग की गई थी या किसी विवाद को लेकर उन्हें निशाना बनाया गया।

फायरिंग के पीछे की वजह अभी साफ नहीं

फिलहाल पुलिस ने फायरिंग के पीछे किसी एक वजह की पुष्टि नहीं की है। मामले में आपसी विवाद, धमकी या अन्य संभावित कारणों की जांच की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि हमलावरों की पहचान और घटना की पूरी परिस्थितियों का पता लगाने के बाद ही फायरिंग के कारण के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।

सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

घटना के बाद बिल्डर और उनके परिवार की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि पिछले एक साल से लगातार धमकियां मिलने का दावा सही है तो पुलिस के लिए यह जांचना जरूरी होगा कि पहले इन शिकायतों पर क्या कार्रवाई की गई थी।

फायरिंग की घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता पैदा कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से आम लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ती है।

जांच में जुटी पुलिस

पुलिस ने घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के साथ ही आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस की टीमें हमलावरों की पहचान और उनके संभावित ठिकानों का पता लगाने में जुटी हैं।

जांच में बिल्डर को मिली कथित धमकियों, फायरिंग की घटना और हमलावरों की गतिविधियों को जोड़कर देखा जा रहा है।

फिलहाल जीरकपुर में बिल्डर के प्रोजेक्ट गेट पर दो हथियारबंद युवकों द्वारा तीन फायर किए जाने की घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है। हमलावर वारदात के बाद फरार हो गए, जबकि पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। बिल्डर अमित दुआ के पिछले एक वर्ष से धमकियां मिलने के दावे ने मामले को और गंभीर बना दिया है। अब पुलिस की जांच से ही स्पष्ट होगा कि फायरिंग के पीछे कौन था और इस वारदात का वास्तविक मकसद क्या था।

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