शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी ने अफगानिस्तान के काबुल में गुरुद्वारा साहिब पर हुए आतंकी हमले में शहीद भाई सविंदर सिंह के पारिवारिक सदस्यों से दिल्ली पहुंचकर मुलाकात कर उनसे दुख जताया। एसजीपीसी प्रधान धामी इस दौरान दिल्ली में तिलक नगर स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु अर्जुन देव जी में शहीद भाई सविंदर सिंह की अंतिम अरदास में भी शामिल हुए और काबुल में हुए आतंकी हमले को मानव विरोधी करार दिया।

उन्होंने शहीद भाई सविंदर सिंह की पत्नी पाल कौर, विदेश से पहुंचे उनके बेटे अजमीत सिंह व अन्य पारिवारिक सदस्यों के साथ हमदर्दी जताई और शिरोमणि कमेटी की तरफ से उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिया।
उन्होंने कहा कि एसजीपीसी अफगानिस्तान के सिखों के साथ है और जरुरत के मुताबिक हर संभव मदद करने के लिए वचनबद्ध रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार को विश्व भर में बसे सिखों व अन्य भारतीयों की सुरक्षा के समय रहते कदम उठाने चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटना का दर्द नहीं सहना पड़े।
उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में फंसे सिखों को भारत लाकर बसाना चाहे सरकारों का काम है लेकिन इस काम में जो भी जरूरत होगी शिरोमणि कमेटी पूरी करेगी। उन्होंने भारत सरकार से अपील की है कि वे सभी अफगानिस्तान में रहने वाले सिखों को भारत लाकर उनके रहने की ठोस व्यवस्था करे, और उनके रोजगार के लिए भी खास ध्यान दे। इस अवसर पर धामी ने शिरोमणि कमेटी की तरफ से शहीद सविंदर सिंह के बेटे अजमीत सिंह को गुरु बख्शिश सिरोपा और दस्तार देकर सम्मानित किया।
उन्होंने इस दौरान भाई सविंदर सिंह के परिवार के अलावा दिल्ली में रहने वाले अफगानी सिख नेताओं के साथ भी मुलाकात की और अफगानिस्तान में रह रहे सिखों की संख्या और मौजूदा स्थिति पर विचार-विमर्श भी किया। एसजीपीसी प्रधान ने अफगानिस्तान के राजदूत फरीद मामूंदजई को भी सिखों की अफगानिस्तान में सुरक्षा यकीनी बनाने को कहा।



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