Punjab.पंजाब: पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा की हाल ही में गिरफ्तारी के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) ने केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग के खिलाफ राज्य भर में विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है। पार्टी ने आरोप लगाया कि ED और अन्य केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को दबाने और डराने के लिए किया जा रहा है।
AAP के वरिष्ठ नेताओं ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी राजनीतिक रूप से प्रेरित है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि यह सिर्फ एक मंत्री के खिलाफ कार्रवाई नहीं है, बल्कि पंजाब में लोकतांत्रिक संस्थाओं और राजनीतिक स्वतंत्रता पर हमला है। AAP ने राज्यभर में अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं को सड़कों पर उतरने और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।
AAP प्रवक्ता ने कहा, “केंद्र की एजेंसियां विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं को डराने और जनता की नजर में बदनाम करने के लिए दुरुपयोग कर रही हैं। संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी इस रणनीति का हिस्सा है। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।” उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर केंद्रीय एजेंसियां अपनी कार्रवाईयों को राजनीतिक रूप से प्रभावित करती हैं, तो राज्य में विरोध प्रदर्शन और तेज होंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम आगामी चुनावों की तैयारी में AAP की पकड़ को मजबूत करने का संकेत है। पंजाब में सत्ता और विपक्ष के बीच तनातनी बढ़ रही है और इस तरह के विरोध प्रदर्शन राजनीतिक माहौल को और गर्म कर सकते हैं। विश्लेषकों के अनुसार, AAP का यह विरोध जनता और मीडिया के ध्यान को केंद्र सरकार की कार्रवाई की ओर आकर्षित करने का भी प्रयास है।
मंत्री संजीव अरोड़ा को 100 करोड़ रुपये के GST धोखाधड़ी मामले में ED ने हिरासत में लिया था। पार्टी का कहना है कि उनके खिलाफ आरोप राजनीतिक रूप से तैयार किए गए हैं और जांच निष्पक्ष नहीं है। AAP नेताओं ने यह भी कहा कि उनके कार्यकर्ता सभी शांतिपूर्ण तरीकों से विरोध प्रदर्शन करेंगे और किसी भी हिंसा या अनियमितता में शामिल नहीं होंगे।
स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने इस मामले पर mixed प्रतिक्रिया दी है। कुछ लोग इसे राजनीतिक दबाव का उदाहरण मान रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि कानून के तहत कार्रवाई उचित है। राज्य प्रशासन ने भी चेतावनी जारी की है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहें और किसी प्रकार की हिंसा या अव्यवस्था न हो।