कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में चंडीगढ़ की ईशरूप नारंग पर नजरें, जूडो में पदक की उम्मीद

Update: 2026-08-02 08:39 GMT

चंडीगढ़। कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में रविवार का दिन चंडीगढ़ के खेल प्रेमियों के लिए खास होने वाला है। शहर की युवा जूडो स्टार ईशरूप नारंग अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की चुनौती पेश करेंगी। 78 किलोग्राम भार वर्ग में उतरने जा रहीं ईशरूप का मुकाबला स्कॉटलैंड की निकोल वुड से होगा।

ईशरूप के मुकाबले को लेकर पूरे चंडीगढ़ में उत्साह का माहौल है। शानदार फॉर्म में चल रही इस युवा खिलाड़ी से भारतीय दल को पदक की उम्मीद है। उनके प्रदर्शन पर खेल विशेषज्ञों और प्रशंसकों की निगाहें टिकी हुई हैं।

मैट पर दम दिखाने को तैयार ईशरूप

ईशरूप नारंग ने पिछले कुछ समय में अपने प्रदर्शन से जूडो जगत में खास पहचान बनाई है। उनकी तकनीक, आत्मविश्वास और मुकाबले के दौरान दबाव संभालने की क्षमता उन्हें मजबूत दावेदार बनाती है।

78 किलोग्राम भार वर्ग में मुकाबले शारीरिक ताकत के साथ-साथ रणनीति और तकनीक पर भी निर्भर करते हैं। ऐसे में ईशरूप को अपने अनुभव और तैयारी के दम पर स्कॉटलैंड की निकोल वुड के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।

भारतीय टीम प्रबंधन को भरोसा है कि ईशरूप अपनी पूरी क्षमता के साथ मैट पर उतरेंगी और देश के लिए पदक जीतने की कोशिश करेंगी।

चंडीगढ़ की उम्मीद बनीं ईशरूप

ईशरूप नारंग के कॉमनवेल्थ गेम्स में उतरने से चंडीगढ़ के खेल जगत में खुशी का माहौल है। शहर के खिलाड़ी, कोच और खेल प्रेमी उनके मुकाबले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

स्थानीय खेल समुदाय का मानना है कि ईशरूप की सफलता से जूडो जैसे खेलों को भी नई पहचान मिलेगी और युवाओं को इस खेल में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।

चंडीगढ़ ने समय-समय पर कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को देश को दिया है। ईशरूप भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ने की तैयारी में हैं।

मजबूत तैयारी के साथ उतरेगी भारतीय खिलाड़ी

कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे बड़े मंच पर मुकाबला आसान नहीं होता। यहां अलग-अलग देशों के शीर्ष खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। ऐसे में हर मुकाबले में छोटी से छोटी गलती भी परिणाम बदल सकती है।

ईशरूप ने प्रतियोगिता से पहले अपनी फिटनेस, तकनीक और मानसिक मजबूती पर विशेष ध्यान दिया है। कोचिंग टीम ने भी उनकी रणनीति पर लगातार काम किया है ताकि वह विरोधी खिलाड़ी की कमजोरियों का फायदा उठा सकें।

उनकी तैयारी का लक्ष्य केवल मुकाबला जीतना नहीं, बल्कि पोडियम तक पहुंचना है।

भारत को जूडो में पदक की उम्मीद

कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का जूडो में प्रदर्शन लगातार बेहतर होता रहा है। इस बार भी भारतीय खिलाड़ियों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।

ईशरूप नारंग जैसी युवा खिलाड़ी भारतीय जूडो के भविष्य के रूप में देखी जा रही हैं। उनका आत्मविश्वास और हालिया प्रदर्शन उन्हें पदक की दौड़ में मजबूत बनाता है।

खेल विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईशरूप अपनी रणनीति के अनुसार खेलती हैं तो वह प्रतियोगिता में बड़ी सफलता हासिल कर सकती हैं।

शहरवासियों की दुआएं ईशरूप के साथ

ईशरूप के मुकाबले को लेकर चंडीगढ़ के लोगों में खास उत्साह है। परिवार, दोस्त और खेल प्रेमी उनकी जीत के लिए शुभकामनाएं दे रहे हैं।

शहरवासियों को उम्मीद है कि ईशरूप शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए पदक जीतेंगी और चंडीगढ़ का नाम अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर रोशन करेंगी।

रविवार को जब ईशरूप मैट पर उतरेंगी, तो उनके साथ केवल भारतीय टीम की उम्मीदें ही नहीं, बल्कि पूरे चंडीगढ़ की उम्मीदें भी जुड़ी होंगी।

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