Punjab.पंजाब: पंजाब कांग्रेस में गहराती दरार को दूर करने और पार्टी में एकता बनाए रखने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक अनोखी रणनीति अपनाई है। सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को अनुशासन और आत्म-नियंत्रण सिखाने के लिए ब्राजीलियन मार्शल आर्ट (BJJ) से प्रेरित सत्र आयोजित किए।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि पंजाब में कुछ वरिष्ठ नेताओं और कद्दावर नेताओं के बीच आपसी मतभेद बढ़ रहे थे। इन मतभेदों के कारण संगठन की कार्यशैली और चुनावी तैयारियों पर असर पड़ रहा था। ऐसे में राहुल गांधी ने देखा कि पारंपरिक बैठकें और चर्चाएं पर्याप्त नहीं हैं, इसलिए उन्होंने एक व्यावहारिक और सिखाने वाला तरीका अपनाने का निर्णय लिया।
ब्राजीलियन मार्शल आर्ट, जिसे आमतौर पर शारीरिक और मानसिक अनुशासन बढ़ाने के लिए जाना जाता है, राहुल गांधी के अनुसार नेताओं को सहनशीलता, संयम, आत्मविश्वास और टीमवर्क सिखाने का सबसे बेहतर माध्यम था। पार्टी सूत्रों ने बताया कि पार्टी अध्यक्ष ने पंजाब के सभी प्रमुख नेताओं और जिला अध्यक्षों को व्यक्तिगत और समूह सत्रों में शामिल किया।
एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “यह थोड़ा अनोखा तरीका है, लेकिन इसका उद्देश्य साफ है। BJJ के माध्यम से हम सीखते हैं कि कैसे तनाव और विवाद के समय संयम और समझौता करना है। राहुल गांधी ने इसे पार्टी में दरार खत्म करने और सामूहिक निर्णय लेने के लिए अपनाया है।”
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम दिखाता है कि कांग्रेस नेतृत्व अब पारंपरिक राजनीति से हटकर नए और रचनात्मक तरीकों को अपना रहा है। विशेषज्ञों ने बताया कि पार्टी में अनुशासन, टीम भावना और आपसी समझ बढ़ाना चुनावी जीत के लिए आवश्यक है, और इसके लिए यह रणनीति प्रभावी साबित हो सकती है।
पार्टी के युवा कार्यकर्ता भी इस पहल की तारीफ कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस तरह की गतिविधियों से नेताओं के बीच तालमेल बढ़ेगा और कार्यकर्ताओं को भी उत्साह मिलेगा। उन्होंने बताया कि सत्रों में सिर्फ शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि संवाद और रणनीतिक सोच को भी शामिल किया गया है।
पंजाब कांग्रेस में इस पहल को लेकर उत्साह और सकारात्मक प्रतिक्रिया है। पार्टी सूत्रों ने कहा कि सत्रों के बाद नेताओं में मतभेद कम हुए हैं और अब संगठन में ज्यादा सहयोग और सामंजस्य देखने को मिल रहा है।
विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि इस तरह की रणनीति केवल पार्टी संगठन के लिए ही नहीं, बल्कि नेताओं के व्यक्तिगत विकास और मानसिक संतुलन के लिए भी लाभकारी हो सकती है।