चंडीगढ़। पंजाब में कथित तौर पर ड्रग्स सप्लाई को लेकर सवाल उठाने वाले एक ग्रामीण की मौत का मामला अब राजनीतिक विवाद बन गया है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को इस मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर निशाना साधा है।
राहुल गांधी ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से मांग की है कि वह वित्त मंत्री हरपाल चीमा का तुरंत इस्तीफा लें और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराएं। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में एक ऐसा “खतरनाक पैटर्न” दिखाई दे रहा है, जहां सरकार की नाकामियों पर सवाल उठाने वालों को कथित रूप से धमकियों और परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीण की कथित आत्महत्या से जुड़ा मामला
यह मामला संगरूर जिले के दिरबा क्षेत्र के रहने वाले 47 वर्षीय दलित गुलजार सिंह की मौत से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, गुलजार सिंह की सोमवार रात कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खाने से मौत हो गई।
परिवार का कहना है कि मौत से एक दिन पहले यानी 6 सितंबर को दिरबा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान गुलजार सिंह ने पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा से इलाके में लगातार हो रही ड्रग्स सप्लाई को लेकर सवाल किया था।
परिवार के आरोपों के बाद यह मामला राजनीतिक रूप से गर्मा गया है।
राहुल गांधी ने उठाए सवाल
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए पंजाब सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि किसी नागरिक द्वारा अपने क्षेत्र की गंभीर समस्या को लेकर सवाल उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अगर कोई व्यक्ति सरकार की कमियों को सामने लाता है तो उसके खिलाफ दबाव बनाया जाता है। राहुल गांधी ने इस पूरे मामले की पारदर्शी जांच की मांग की।
मंत्री के इस्तीफे की मांग
कांग्रेस नेता ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से अपील की कि मामले की गंभीरता को देखते हुए वित्त मंत्री हरपाल चीमा से इस्तीफा लिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच तभी संभव होगी, जब जांच प्रक्रिया किसी भी राजनीतिक प्रभाव से मुक्त हो।
ड्रग्स का मुद्दा पंजाब में बड़ा राजनीतिक विषय
पंजाब में नशे का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक बहस का केंद्र रहा है। विपक्षी दल लगातार राज्य सरकार पर ड्रग्स के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते रहे हैं।
कांग्रेस का कहना है कि राज्य में नशे की समस्या अब भी गंभीर बनी हुई है और आम लोगों की शिकायतों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
वहीं, राज्य सरकार पहले भी कहती रही है कि वह ड्रग्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है और तस्करों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।
परिवार के आरोपों के बाद बढ़ा विवाद
गुलजार सिंह के परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। परिवार का कहना है कि उन्होंने इलाके में ड्रग्स की समस्या को लेकर आवाज उठाई थी।
अब पुलिस और प्रशासन के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि मौत के पीछे वास्तविक कारण क्या थे और क्या इसका किसी अन्य घटना से संबंध है।
निष्पक्ष जांच की मांग
कांग्रेस नेताओं ने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या दबाव की बात सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
सरकार की ओर से प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल इस मामले में पंजाब सरकार और मंत्री हरपाल चीमा की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पुलिस जांच के बाद ही घटना के सभी पहलुओं की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
प्रशासन की ओर से मामले की जांच की जा रही है और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जा सकते हैं।
राजनीतिक माहौल गरमाया
गुलजार सिंह की मौत के बाद पंजाब की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। कांग्रेस ने इसे कानून व्यवस्था और नशे के मुद्दे से जोड़ते हुए सरकार पर हमला बोला है।
वहीं, आम आदमी पार्टी सरकार के लिए यह मामला चुनौती बन गया है, क्योंकि विपक्ष इसे जनता की आवाज दबाने और ड्रग्स समस्या से जोड़कर उठा रहा है।
अब सभी की नजर पुलिस जांच और आने वाली रिपोर्ट पर है, जिससे यह साफ हो सकेगा कि गुलजार सिंह की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाती है।