Chandigarh चंडीगढ़: लुधियाना कमिश्नरेट पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए पाकिस्तान स्थित आईएसआई समर्थित ग्रेनेड हमले के एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में विदेशी संचालकों के 10 प्रमुख गुर्गों को गिरफ्तार किया गया है। यह जानकारी गुरुवार को पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने दी।
गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान मुक्तसर साहिब निवासी कुलदीप सिंह, शेखर सिंह और अजय सिंह के रूप में हुई है। अमरीक सिंह, परमिंदर, विजय, सुखजीत सिंह, सुखविंदर सिंह, करणवीर सिंह और साजन कुमार को कूरियर और सूत्रधार की भूमिका निभाने के आरोप में अलग-अलग जेलों से प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से एक 86पी चीनी हैंड ग्रेनेड, एक ब्लैक किट और दस्ताने का एक सेट भी बरामद किया है। डीजीपी यादव ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आरोपी एक हैंड ग्रेनेड को उठाने और उसकी डिलीवरी में समन्वय के लिए मलेशिया स्थित तीन गुर्गों के माध्यम से पाकिस्तान स्थित संचालकों के संपर्क में थे। डीजीपी ने कहा कि संचालकों ने राज्य में अशांति फैलाने के लिए आबादी वाले इलाके में ग्रेनेड हमला करने का काम सौंपा था। पुलिस आयुक्त (लुधियाना) स्वप्न शर्मा ने बताया कि खुफिया जानकारी के आधार पर संदिग्धों कुलदीप सिंह, शेखर सिंह और अजय सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
उन्होंने बताया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया था। आगे की जाँच में विदेशी मास्टरमाइंड, मलेशिया निवासी अजय मलेशिया, जस बहबल और पवनदीप की पहचान हुई है। ये लोग विदेश में एक साथ रहते हैं और स्थानीय मददगार अमरीक सिंह और परमिंदर के संपर्क में थे, जो दोनों पहले उनके लिए मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल थे। पुलिस आयुक्त ने बताया कि जाँच के दौरान, अजय मलेशिया के भाई विजय, जो वाणिज्यिक मात्रा वाले एनडीपीएस अधिनियम के एक मामले में राजस्थान की गंगानगर जेल में बंद था, को भी इस मामले में मददगार की भूमिका के लिए प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि जाँच में पंजाब में हथगोले की डिलीवरी में आरोपी सुखजीत सिंह, सुखविंदर सिंह, करणवीर सिंह और साजन से जुड़े स्थानीय नेटवर्क का भी खुलासा हुआ।