punjab पंजाब: थाना छेहरटा के अंतर्गत खंडवाला इलाके की धक्का कॉलोनी में शनिवार रात करीब साढ़े आठ बजे उस समय सनसनी फैल गई, जब पुरानी रंजिश के चलते दो गुट आपस में भिड़ गए और एक पक्ष के दो लोगों पर फायरिंग कर दी। इस घटना से पहले इलाके में चहल-पहल थी, लेकिन फायरिंग के बाद इलाका सुनसान हो गया। हर तरफ पुलिस ही पुलिस तैनात नजर आई। दूसरे गुट के मोहिनी पार्क निवासी सुखविंदर सिंह उर्फ सुखा दो गोलियां लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके एक अन्य साथी अमृतपाल सिंह के भी हाथ में गोली लगी। पुलिस ने दोनों घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है।
जानकारी मिली है कि जन्माष्टमी को लेकर थाना छेहरटा के एसएचओ विनोद शर्मा खंडवाला इलाके में गश्त पर थे, इसलिए सूचना मिलने पर वह तुरंत मौके पर पहुंचे और गोलियां चलाने वाले शख्स निखिल उर्फ ग्वाला को पकड़ने की कोशिश की, जिस पर आरोपी निखिल चहल उर्फ ग्वाला ने मौके से भागने की कोशिश की और पुलिस कर्मियों पर 4-5 गोलियां चलाईं। इस पर इंस्पेक्टर विनोद शर्मा ने भी तत्परता दिखाते हुए जवाबी गोली चलाई, जो आरोपी निखिल के पैर में लगी, जिसे बाद में गिरफ्तार कर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके अलावा, पुलिस ने मौके से आरोपी निखिल चहल उर्फ ग्वाला और उसके साथी ब्रिकमजीत सिंह को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन दोनों आरोपियों के कब्जे से एक पिस्तौल भी बरामद की है।
मौके पर पहुँचे डीसीपी (जांच) रविंदरपाल सिंह संधू, एसीपी पश्चिम शिवदर्शन सिंह संधू, एसएचओ छेहर्टा इंस्पेक्टर विनोद शर्मा ने बताया कि शुरुआती जाँच में पता चला है कि आपस में भिड़े दोनों गुटों में किसी बात को लेकर पुरानी रंजिश थी। इसी बात को लेकर जन्माष्टमी के दिन धक्का कॉलोनी स्थित मंदिर के पास इन दोनों गुटों में झगड़ा हुआ और फिर गोलियां चलीं। मौके पर मौजूद कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर एसएचओ खुद मौके पर आकर तुरंत कार्रवाई न करते, तो एक बड़ा गैंगवार हो सकता था और जान-माल का काफी नुकसान हो सकता था।
पुलिस अधिकारी रविंदरपाल सिंह संधू और शिवदर्शन सिंह संधू ने बताया कि खंडवाला की धक्का कॉलोनी के पास स्थित मंदिर में जन्माष्टमी को लेकर काफी चहल-पहल थी। इसी दौरान रात साढ़े आठ बजे दो गुटों में झगड़ा हो गया और निखिल चहल उर्फ ग्वाला और उसके साथियों ने 4-5 गोलियां चलाईं। इनमें से दो गोलियां मोहनी पार्क निवासी सुखविंदर सिंह उर्फ सुखा के पेट में लगीं और एक गोली सुखा के साथी अमृतपाल सिंह के हाथ में लगी।