PSPCL यूनियनों ने गोराया लैंड शिफ्ट को लेकर सरकार को ज्ञापन सौंपा

Update: 2026-04-28 12:40 GMT
Jalandhar.जालंधर: पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) यूनियनों ने गोराया डिवीजन में प्रस्तावित लैंड यूज शिफ्ट योजना का विरोध किया है। यूनियनों का कहना है कि इस योजना से कर्मचारियों और स्थानीय जनता दोनों पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। विरोध प्रदर्शन के दौरान यूनियन नेताओं ने कहा कि कर्मचारियों की सुरक्षा और रोजगार पर गंभीर असर पड़ सकता है।
यूनियन नेताओं का कहना है कि गोराया डिवीजन में प्रस्तावित लैंड शिफ्ट का फैसला बिना कर्मचारियों की राय लिए और स्थानीय समुदाय को शामिल किए लिया गया। उन्होंने इसे अनैतिक और कर्मचारियों के हितों के खिलाफ बताया। PSPCL कर्मचारियों की यूनियन ने सरकार को ज्ञापन भी सौंपा है, जिसमें योजना को रोकने और पुनर्विचार करने की मांग की गई है।
यूनियन ने विशेष रूप से कहा कि लैंड शिफ्ट के कारण कर्मचारियों को नई जगह पर स्थानांतरित होना पड़ेगा, जिससे उनके आवास, परिवहन और पारिवारिक जीवन पर गंभीर असर पड़ेगा। इसके अलावा, कर्मचारियों का प्रदर्शन और कार्यालय संचालन भी प्रभावित हो सकता है।
PSPCL के वरिष्ठ अधिकारियों ने यूनियन से बात करते हुए आश्वासन दिया कि कर्मचारियों की चिंताओं को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि योजना के क्रियान्वयन से पहले सभी पक्षों की राय और सुझावों को शामिल किया जाएगा।
स्थानीय लोगों ने भी यूनियन का समर्थन किया। उनका कहना है कि प्रस्तावित लैंड शिफ्ट से न केवल कर्मचारियों, बल्कि पूरे क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक ढांचे पर प्रभाव पड़ेगा। कई लोगों ने कहा कि यह क्षेत्रीय विकास और रोजगार को प्रभावित कर सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बड़ी कंपनियों और सरकारी संस्थाओं में लैंड यूज शिफ्ट जैसी योजनाओं में पारदर्शिता और कर्मचारियों की भागीदारी जरूरी है। इससे विरोध और असंतोष की स्थिति कम होती है और सभी पक्षों की सहमति से योजना को लागू किया जा सकता है।
यूनियन ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो कर्मचारी बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं। उन्होंने सरकार और PSPCL प्रशासन से अपील की है कि कर्मचारियों और स्थानीय समुदाय की राय को अनदेखा न किया जाए।
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