Punjab शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने रविवार को पंजाब की जेलों, पंजाब पुलिस और आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं के बीच कथित मिलीभगत पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि न्यायिक हिरासत में भेजा गया एक आरोपी जेल में रहने के बजाय होटलों में रह रहा था, निजी वाहनों में घूम रहा था और अपने पास हथियार व गोला-बारूद रखे हुए था। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने सवाल किया कि अदालत द्वारा न्यायिक हिरासत में भेजे गए आरोपी को निजी अस्पतालों और होटलों में रहने, निजी वाहनों में सफर करने और हथियार व गोला-बारूद हासिल करने की छूट कैसे मिल सकती है।
उन्होंने पुलिस और जेल प्रशासन की कथित भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की और कहा कि वह जल्द ही पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने इस मामले की सीबीआई जांच की भी मांग की। मजीठिया ने कहा कि जतिंदर सिंह (उर्फ जतिंदर सरपंच) - जो एक AAP नेता और विचाराधीन कैदी है - तथा गुरदेव सिंह और कुलतार सिंह (जिन्हें घोषित अपराधी बताया गया है) से जुड़े मामले में सामने आए तथ्य, पंजाब में कानून-व्यवस्था, जेल प्रबंधन और पुलिस की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था और कहा कि पुलिस तथा जेल अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों को चंडीगढ़ के 'होटल हेवन' में ठहराया गया था और उन्हें निजी वाहनों से ले जाया जाता था। उन्होंने गुरसेवक सिंह से जुड़ी गाड़ी के इस्तेमाल, वहां पुलिसकर्मियों की मौजूदगी और आरोपियों को दी गई कथित सुविधाओं की जांच की मांग की।
मजीठिया ने कहा कि चंडीगढ़ पुलिस द्वारा दर्ज मामले और हथियारों की कथित बरामदगी से जुड़े विवरणों ने और भी सवाल खड़े कर दिए हैं। उनके अनुसार, इस मामले में जतिंदर सिंह, गुरदेव सिंह और कुलतार सिंह के नाम सामने आए हैं। मजीठिया ने अमृतसर ग्रामीण के एसएसपी कंवलप्रीत चहल, मजीठा के डीएसपी, कथू नंगल पुलिस स्टेशन के एसएचओ और जेल अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की।
उन्होंने यह भी पूछा कि जतिंदर सिंह से जुड़े मामले में पहले शामिल रहे पुलिस अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई और इसके बाद इस संबंध में किन लोगों की नियुक्तियां की गईं। अकाली नेता ने आगे मांग की कि आरोपी की आम आदमी पार्टी (AAP) नेताओं—जिनमें अमन अरोड़ा भी शामिल हैं—के साथ ली गई तस्वीरों और उसकी राजनीतिक गतिविधियों की जांच कराई जाए।