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चार आरोपी गिरफ्तार
नई दिल्ली : तमिलनाडु में अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी के खिलाफ राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने बड़ी कार्रवाई की है। डीआरआई ने नागपट्टिनम जिले के एक तटीय गांव में छापेमारी कर 137 किलोग्राम क्रिस्टल मेथाम्फेटामाइन जब्त की है। अंतरराष्ट्रीय तस्करी के लिए तैयार की गई इस खेप की अवैध बाजार में अनुमानित कीमत 100 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। जांच एजेंसी के मुताबिक, नशीले पदार्थों की इस बड़ी खेप को समुद्री रास्ते से श्रीलंका भेजने की तैयारी चल रही थी। मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
खुफिया सूचना पर DRI ने चलाया विशेष अभियान
केंद्रीय वित्त मंत्रालय की ओर से 18 अक्टूबर को जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, डीआरआई अधिकारियों को खुफिया सूचना मिली थी कि तमिलनाडु के नागपट्टिनम जिले के तटीय इलाके में नशीले पदार्थों की एक बड़ी खेप छिपाकर रखी गई है। सूचना के अनुसार, तस्करों का नेटवर्क इस खेप को भारत से श्रीलंका पहुंचाने की तैयारी में था। इसके बाद डीआरआई ने 16 और 17 अक्टूबर 2026 को विशेष निगरानी और तलाशी अभियान चलाया। अधिकारियों ने संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की और नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े नेटवर्क का पता लगाया। जांच के दौरान सामने आया कि इस नेटवर्क के सदस्य मादक पदार्थों के भंडारण, परिवहन और समुद्री रास्ते से तस्करी की व्यवस्था में कथित रूप से शामिल थे।
छह बैग में छिपाकर रखी थी 137 किलो ड्रग्स
डीआरआई अधिकारियों ने तलाशी अभियान के दौरान छह बड़े बैग बरामद किए। इन बैगों के भीतर चांदी जैसी पन्नी में लिपटे कुल 27 पैकेट रखे गए थे। प्रत्येक पैकेट का वजन लगभग पांच किलोग्राम था। जब अधिकारियों ने पैकेटों की जांच की तो उनमें सफेद रंग का क्रिस्टल जैसा पदार्थ मिला। अधिकारियों को संदेह हुआ कि यह उच्च शुद्धता वाली मेथाम्फेटामाइन है, जिसे आमतौर पर क्रिस्टल मेथ के नाम से जाना जाता है।बरामद पदार्थ का कुल सकल वजन 137 किलोग्राम दर्ज किया गया। डीआरआई ने इसे नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 (NDPS Act) के प्रावधानों के तहत जब्त किया।
समुद्र के बीच ड्रग्स ट्रांसफर करने की थी तैयारी
जांच एजेंसी के अनुसार, तस्करों ने नशीले पदार्थों की इस बड़ी खेप को समुद्री रास्ते से श्रीलंका भेजने की योजना बनाई थी। इसके लिए कथित तौर पर समुद्र के बीच खेप को दूसरे माध्यम तक पहुंचाने की तैयारी थी। इस प्रकार की तस्करी को रोकने के लिए डीआरआई ने खुफिया जानकारी के आधार पर अभियान चलाया। एजेंसी का मानना है कि इस कार्रवाई से समुद्री रास्ते से संचालित होने वाले संदिग्ध ड्रग्स तस्करी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। नागपट्टिनम जिले का तटीय इलाका इस मामले में जांच का महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है।
10 लाख रुपये नकद और तीन वाहन भी जब्त
नशीले पदार्थों की बरामदगी के बाद डीआरआई अधिकारियों ने संदिग्ध नेटवर्क के एक कथित संचालक के ठिकाने पर भी तलाशी ली। इस दौरान अधिकारियों ने 10 लाख रुपये नकद बरामद किए। एजेंसी को संदेह है कि यह रकम नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री से प्राप्त हुई थी। इसके अलावा दो चारपहिया वाहन और एक दोपहिया वाहन भी जब्त किया गया। जांच एजेंसी को संदेह है कि इन वाहनों का उपयोग मादक पदार्थों के परिवहन और तस्करी से जुड़ी गतिविधियों में किया गया था। नकदी और वाहनों की जब्ती के बाद जांच एजेंसी अब पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
चार आरोपी गिरफ्तार, अदालत ने भेजा जेल
डीआरआई ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर एजेंसी उन व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है, जो इस खेप की व्यवस्था, भंडारण, परिवहन और समुद्री रास्ते से विदेश भेजने की कथित योजना में शामिल थे। इस मामले में स्थानीय राजनीतिक दल से जुड़े एक पूर्व पदाधिकारी की गिरफ्तारी की भी खबर सामने आई है। हालांकि, गिरफ्तार व्यक्तियों पर लगे आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
क्या है क्रिस्टल मेथाम्फेटामाइन?
क्रिस्टल मेथाम्फेटामाइन एक अत्यधिक नशीला सिंथेटिक उत्तेजक पदार्थ है। इसके सेवन से गंभीर शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं। यह पदार्थ अवैध ड्रग्स कारोबार से जुड़ा हुआ है और इसके निर्माण, भंडारण, परिवहन तथा तस्करी पर कानून के तहत कठोर कार्रवाई का प्रावधान है। क्रिस्टल मेथ की तस्करी संगठित अपराध से भी जुड़ी हो सकती है। इसी कारण सुरक्षा और जांच एजेंसियां ऐसे नेटवर्क की पहचान कर उन्हें रोकने के लिए विशेष अभियान चलाती हैं।
समुद्री तस्करी नेटवर्क पर एजेंसियों की नजर
भारत के तटीय इलाकों से होने वाली नशीले पदार्थों की तस्करी सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चुनौती है। तस्करी में शामिल संदिग्ध नेटवर्क समुद्री परिवहन और सीमा पार संपर्कों का इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसे मामलों में खुफिया सूचनाओं, स्थानीय निगरानी और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। नागपट्टिनम में हुई इस कार्रवाई को डीआरआई की बड़ी सफलताओं में से एक माना जा रहा है। जब्त किए गए नशीले पदार्थों की भारी मात्रा और उनकी अनुमानित कीमत इस मामले की गंभीरता को दर्शाती है। फिलहाल जांच एजेंसी पूरे तस्करी नेटवर्क की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
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