अमरावती। आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार, 19 अक्टूबर को विपक्षी युवाजन श्रमिक रायतू कांग्रेस पार्टी (YSRCP) और उसके प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी पर गंभीर आरोप लगाए। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि विपक्षी पार्टी राज्य में हिंसा और अशांति फैलाने के साथ-साथ सरकारी योजनाओं तथा विकास कार्यों में जानबूझकर बाधा उत्पन्न कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर बाहरी राज्यों से असामाजिक तत्वों को बुलाकर माहौल खराब करने की कोशिश की गई है।उंडावल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि उनकी सरकार राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने और विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार की नीतियों के कारण प्रदेश को नुकसान हुआ और वर्तमान सरकार उन समस्याओं को दूर करने का प्रयास कर रही है।
पंजाब से गुंडे बुलाने का लगाया आरोप
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने आरोप लगाया कि YSRCP ने पुंगनूर और रायचोटी जैसे इलाकों में अशांति फैलाने के लिए पंजाब सहित दूसरे राज्यों से कथित गुंडों और आपराधिक तत्वों को बुलाया।उन्होंने धर्मावरम, तिरुपति, पुलिवेंदुला और दर्सी का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री का आरोप है कि विपक्षी पार्टी इन क्षेत्रों में अपनी राजनीतिक गतिविधियों के दौरान हिंसा और दबाव का सहारा ले रही है।हालांकि, बाहरी राज्यों से अपराधियों को बुलाने संबंधी मुख्यमंत्री के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इन आरोपों पर कानूनी जांच और संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर बढ़ा विवाद
आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों की नामांकन प्रक्रिया के दौरान कई स्थानों पर राजनीतिक तनाव सामने आया है। पुंगनूर और रायचोटी में हिंसक घटनाओं की खबरें भी आई हैं।16 अक्टूबर को पुंगनूर में YSRCP सांसद पीवी मिथुन रेड्डी के काफिले पर हमला होने की घटना सामने आई थी। इसके बाद सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी और विपक्षी YSRCP के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए।मुख्यमंत्री नायडू ने इन घटनाओं के लिए विपक्षी पार्टी की गतिविधियों को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, YSRCP का आरोप है कि सत्तारूढ़ गठबंधन के कार्यकर्ता विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोक रहे हैं।
अदालत में 60 याचिकाएं दाखिल करने का दावा
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने YSRCP पर सरकारी फैसलों और चुनावी प्रक्रियाओं में बाधा डालने के लिए बार-बार अदालत जाने का भी आरोप लगाया।उन्होंने दावा किया कि विपक्षी पार्टी ने स्थानीय निकाय चुनावों से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर लगभग 60 याचिकाएं दाखिल की हैं।नायडू का आरोप है कि इन कानूनी प्रक्रियाओं का इस्तेमाल चुनावी कार्यक्रम और सरकारी निर्णयों में रुकावट पैदा करने के लिए किया जा रहा है। हालांकि, इन याचिकाओं की संख्या और उनके कानूनी परिणामों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
पिछड़े वर्गों के आरक्षण पर राजनीतिक टकराव
मुख्यमंत्री ने YSRCP पर पिछड़े वर्गों (BC) के आरक्षण का विरोध करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार समाज के सभी वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व देने के लिए काम कर रही है।दूसरी ओर, YSRCP ने इन आरोपों को लेकर अलग रुख अपनाया है। पार्टी नेताओं ने राज्य सरकार पर स्थानीय निकाय चुनावों में पिछड़े वर्गों के लिए 34 प्रतिशत आरक्षण का वादा पूरा नहीं करने का आरोप लगाया है।पार्टी ने आरक्षण के लिए कानूनी रूप से मजबूत व्यवस्था बनाने की मांग की है। इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच लगातार राजनीतिक विवाद बना हुआ है।
सरकारी योजनाओं में बाधा डालने का आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चंद्रबाबू नायडू ने राज्य सरकार की उपलब्धियों और विकास योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार जनता से किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में काम कर रही है।मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये की कल्याणकारी योजनाओं को लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित परियोजनाओं को पूरा करने और स्थानीय निकायों को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।नायडू ने पिछली सरकार पर स्थानीय निकायों के धन के दुरुपयोग और कई केंद्रीय योजनाओं को बंद करने का भी आरोप लगाया।
जगन मोहन रेड्डी ने भी सरकार पर लगाए आरोप
इधर, पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने भी चंद्रबाबू नायडू सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में विपक्षी उम्मीदवारों को स्थानीय निकाय चुनाव लड़ने से रोकने के लिए धमकी, हिंसा और प्रशासनिक दबाव का इस्तेमाल किया जा रहा है।जगन मोहन रेड्डी ने चुनाव आयोग से निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की मांग की है। YSRCP का कहना है कि उसके उम्मीदवारों को कई इलाकों में नामांकन दाखिल करने के दौरान परेशानियों का सामना करना पड़ा।फिलहाल आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों के बीच सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्षी YSRCP के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हिंसा और चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप लगा रहे हैं।
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