Patiala court ने पठानमाजरा की रिमांड 4 दिन बढ़ाई

Update: 2026-05-08 06:50 GMT
Punjab.पंजाब: अवैध खनन मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक पठानमाजरा की रिमांड बुधवार को चार दिन के लिए बढ़ा दी गई। यह आदेश स्थानीय अदालत द्वारा तब जारी किया गया जब प्रवर्तन और पुलिस अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त पूछताछ की आवश्यकता जताई।
जानकारी के अनुसार, विधायक पठानमाजरा को पिछले सप्ताह ही इस मामले में गिरफ्तार किया गया था। उन्हें कथित तौर पर अवैध खनन गतिविधियों में संलिप्त होने और संबंधित अधिकारियों को प्रभावित करने के आरोपों में आरोपी बनाया गया है। रिमांड बढ़ाने के बाद, पुलिस और जांच एजेंसियां विधायक से और गहन पूछताछ कर सकेंगी और मामले के अन्य पहलुओं को उजागर करने की कोशिश करेंगे।
अधिकारियों ने बताया कि पठानमाजरा पर आरोप है कि उन्होंने अवैध खनन के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम किया और कई खनन परियोजनाओं को बिना अनुमति के संचालित किया। जांच में यह भी पता चला कि इसके जरिए करोड़ों रुपए का धन हेराफेरी और गुप्त लेन-देन किया गया। पुलिस का कहना है कि रिमांड अवधि के दौरान विधायक से वित्तीय लेन-देन, खनन साइटों की जानकारी और अन्य आरोपियों की पहचान के संबंध में विस्तार से पूछताछ की जाएगी।
AAP ने फिलहाल इस मामले में कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया है। हालांकि, पार्टी के कुछ नेताओं ने कहा है कि वे जांच प्रक्रिया में पूरी तरह सहयोग करेंगे और कानून का पालन करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि विधायक की गिरफ्तारी और रिमांड बढ़ाने का उद्देश्य राजनीतिक लाभ उठाना नहीं बल्कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना होना चाहिए।
स्थानीय जनता और समाजिक संगठनों की ओर से मामले पर बढ़ती निगरानी देखने को मिल रही है। कई संगठनों ने कहा कि अवैध खनन न केवल राज्य की प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा को खतरे में डालता है, बल्कि इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और पारिस्थितिकी पर भी गंभीर प्रभाव पड़ता है। ऐसे मामलों में पारदर्शी और निष्पक्ष जांच बेहद आवश्यक है।
विशेषज्ञों का मानना है कि विधायक के खिलाफ यह मामला कानून और प्रशासन की जवाबदेही को परखने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। अगर जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से की जाती है, तो यह भविष्य में अवैध खनन जैसी गतिविधियों को रोकने में मदद कर सकती है।
इस बीच, पठानमाजरा की चार दिन की बढ़ी हुई रिमांड के दौरान पुलिस और जांच एजेंसियां अन्य संबंधित अधिकारियों, ठेकेदारों और जमीन मालिकों से भी पूछताछ करने की योजना बना रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में व्यापक जांच की जाएगी ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
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