पंजाब: राज्यसभा सांसद संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने एक ऐसा कदम उठाया है, जिसकी चर्चा राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में हो रही है। उन्होंने अपनी सरकारी सुरक्षा वापस करने का फैसला लिया है। संत सीचेवाल ने पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) को पत्र लिखकर अपनी सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों को हटाने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा से ज्यादा जरूरी आम जनता की सुरक्षा है।
संत सीचेवाल ने अपने पत्र में पंजाब की मौजूदा कानून व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि जालंधर जिले के लोहियां क्षेत्र और सुल्तानपुर लोधी इलाके में लगातार बढ़ रही चोरी, लूटपाट और अन्य आपराधिक घटनाओं को देखते हुए पुलिस बल की जरूरत आम लोगों को ज्यादा है। इसलिए उन्होंने अपनी सुरक्षा में तैनात जवानों को वापस लेकर उन्हें जनता की सुरक्षा में लगाने का सुझाव दिया है।
राज्यसभा सांसद के साथ वर्तमान में छह सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। उन्होंने डीजीपी को लिखे पत्र में कहा कि शुरुआत से ही उन्होंने सुरक्षा लेने में ज्यादा रुचि नहीं दिखाई थी, क्योंकि उन्हें लगता है कि पुलिस जवानों की जरूरत आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए अधिक है। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी तरह का खतरा महसूस नहीं होता, इसलिए सुरक्षा कर्मियों को जनता की सेवा में लगाया जाना ज्यादा उचित होगा।
संत सीचेवाल ने सुझाव दिया है कि उनके साथ तैनात छह सुरक्षाकर्मियों में से तीन जवानों को थाना लोहियां खास और तीन जवानों को थाना सुल्तानपुर लोधी में तैनात किया जाए। इससे इन क्षेत्रों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ेगी और आम लोगों को सुरक्षा का भरोसा मिलेगा।
उन्होंने पत्र में क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर भी चिंता जताई। सांसद ने बताया कि लोहियां और आसपास के इलाकों में चोरी और लूट की घटनाएं बढ़ रही हैं। नशे से जुड़े अपराध भी लोगों के लिए चिंता का कारण बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस बल की कमी के कारण कई बार आम लोग खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं।
संत सीचेवाल ने मलसियां पुलिस चौकी का भी जिक्र किया और कहा कि वहां पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध नहीं है। ऐसे में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अतिरिक्त जवानों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी सुरक्षा में लगे जवानों को संबंधित थानों में तैनात किया जाता है तो इससे क्षेत्र की कानून व्यवस्था मजबूत करने में मदद मिलेगी।
सांसद ने अपने पत्र में अपने गांव सीचेवाल की स्थिति का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि एक ही रात में उनके गांव में चोरी की आठ घटनाएं सामने आई थीं। इसके अलावा बिजली की तारों की चोरी जैसी घटनाएं भी लगातार हो रही हैं। इससे स्थानीय लोगों में डर का माहौल बना हुआ है।
उन्होंने पवित्र काली बेईं नदी क्षेत्र का भी उल्लेख किया, जो सिख धर्म में विशेष महत्व रखता है। संत सीचेवाल ने कहा कि यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, लेकिन अपराध की घटनाओं के कारण कई बार लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा होती है। ऐसे धार्मिक और महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होना जरूरी है।
संत बलबीर सिंह सीचेवाल पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक कार्यों के लिए भी जाने जाते हैं। उन्होंने अपने इस फैसले के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की है कि जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता आम लोगों की सुरक्षा और सुविधाएं होनी चाहिए।
उनके इस कदम के बाद अब पुलिस विभाग की ओर से आगे की कार्रवाई का इंतजार है। यदि उनकी मांग स्वीकार की जाती है तो सुरक्षा में तैनात जवानों को स्थानीय थानों में लगाया जा सकता है, जिससे क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता बढ़ने की उम्मीद है। उनका यह फैसला राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ आम लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बना हुआ है।