Ludhiana.लुधियाना: सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए एक महीना बीत जाने के बाद भी आवश्यक पाठ्यपुस्तकें नहीं पहुँचने से शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ रहा है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और माता-पिता ने शिक्षा विभाग पर संसाधनों के वितरण में लापरवाही का आरोप लगाया है। स्थानीय स्कूलों के शिक्षकों ने बताया कि नए सत्र के शुरू होने के बाद से ही छात्रों को किताबें नहीं मिली हैं। इससे बच्चों को पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाई करने में समस्या आ रही है। कई शिक्षक बच्चों को नोट्स और वैकल्पिक सामग्री के माध्यम से पढ़ाई कराने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन यह अस्थायी समाधान है और पर्याप्त नहीं है।
माता-पिता ने कहा कि बच्चों का सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन किताबों के अभाव में उनका सीखने का अनुभव बाधित हो रहा है। उन्होंने शिक्षा विभाग से तुरंत हस्तक्षेप करने और पुस्तक वितरण सुनिश्चित करने की मांग की। कई परिवारों ने इस स्थिति को गंभीर बताया और कहा कि अगर किताबें जल्द नहीं पहुँचतीं, तो इसके परिणाम बच्चों की शैक्षिक प्रगति पर पड़ेंगे।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कहा कि वितरण प्रक्रिया में कुछ देरी हुई है और जल्द ही सभी सरकारी स्कूलों में किताबें पहुँचाई जाएंगी। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि बच्चों को पाठ्य सामग्री समय पर मिल सके, इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वितरण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए भविष्य में योजना बनाई जा रही है।
स्थानीय शिक्षकों और समुदाय ने सरकार से यह भी आग्रह किया कि किताबें बच्चों तक पहुँचाने के लिए तुरंत वैकल्पिक इंतजाम किए जाएँ। उन्होंने कहा कि स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए अस्थायी वितरण केंद्र बनाए जा सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि पाठ्यपुस्तकों की समय पर उपलब्धता शिक्षा की गुणवत्ता के लिए महत्वपूर्ण है। बच्चों को आवश्यक संसाधन मिलने से ही उनका सीखने का अनुभव बेहतर होता है और शिक्षा का स्तर उच्च बना रहता है।