Jalandhar: जनगणना में लगे शिक्षक, बच्चों के एडमिशन में देरी से लोग असंतुष्ट

Update: 2026-04-21 09:53 GMT
Jalandhar.जालंधर: पंजाब के एक शहर में स्कूल एडमिशन के महत्वपूर्ण समय के बीच शिक्षकों को जनगणना ड्यूटी पर तैनात करने से स्थानीय लोगों में नाराजगी फैल गई है। कई माता-पिता और अभिभावकों ने इस कदम को शिक्षा और बच्चों के भविष्य के लिए हानिकारक बताया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों का एडमिशन प्रक्रिया पहले ही जटिल है, और टीचरों की अनुपस्थिति से स्कूलों में फॉर्म भरने, काउंसलिंग और कक्षाओं की तैयारी में बाधा आई है। कई अभिभावकों ने कहा कि वे बच्चों को स्कूल में दाखिला कराने के लिए कई बार आने-जाने को मजबूर हुए।
एक स्थानीय अभिभावक ने कहा, “टीचरों की अनुपस्थिति के कारण हमें अपनी नौकरी और बच्चों की पढ़ाई के बीच संतुलन बनाना मुश्किल हो गया। बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।”
स्कूल प्रशासन ने बताया कि यह निर्णय सरकारी आदेश के तहत लिया गया था, और शिक्षकों को जनगणना ड्यूटी में शामिल होना अनिवार्य था। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षक केवल कुछ घंटे के लिए ड्यूटी पर गए थे, लेकिन एडमिशन प्रक्रिया प्रभावित होने से समस्याएं बढ़ गईं।
शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि उन्हें भी यह स्थिति असुविधाजनक और चुनौतीपूर्ण लगी है। उन्होंने कहा कि जनगणना ड्यूटी और स्कूल एडमिशन जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का समय समन्वय आवश्यक है।
स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की कि भविष्य में इस तरह के कार्यक्रम और सरकारी ड्यूटी को स्कूलों की महत्वपूर्ण गतिविधियों के समय से टकराने से बचाया जाए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि शिक्षक अनुपस्थिति के दौरान वैकल्पिक व्यवस्था की जाए ताकि बच्चों के एडमिशन प्रक्रिया बाधित न हो।
विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूल एडमिशन और सरकारी ड्यूटी में तालमेल की कमी से शिक्षा में गुणवत्ता और प्रशासनिक व्यवस्था पर असर पड़ता है। ऐसे मामलों में स्थानीय प्रशासन और शिक्षकों के बीच बेहतर संवाद और योजना आवश्यक है।
कुल मिलाकर, एडमिशन के बीच टीचरों की जनगणना ड्यूटी ने स्थानीय लोगों और अभिभावकों में असंतोष पैदा किया। यह घटना प्रशासन और शिक्षा विभाग के लिए समीक्षा और सुधार का संकेत देती है ताकि भविष्य में बच्चों की शिक्षा और सरकारी ड्यूटी दोनों पर असर न पड़े।
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