Jalandhar.जालंधर: जालंधर नगर निगम (MC) ने अपने कर्मचारियों को चेतावनी दी है कि यदि वे आगामी जनगणना की अनिवार्य ट्रेनिंग में हिस्सा नहीं लेते हैं, तो उनकी सैलरी रोक दी जाएगी। यह कदम निगम की ओर से कर्मचारियों में जिम्मेदारी और अनुशासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
नगर निगम के अधिकारीयों ने बताया कि जनगणना देश के सबसे महत्वपूर्ण सरकारी कार्यों में से एक है, और इसकी सफलता में प्रशिक्षित कर्मचारियों की भूमिका निर्णायक होती है। प्रशिक्षण में कर्मचारियों को डेटा संग्रह, घर-घर जाकर सटीक जानकारी इकट्ठा करना, डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल और सरकारी फॉर्म भरने की तकनीक सिखाई जाती है।
नगर निगम के जनगणना प्रभारी ने कहा, “हमने सभी कर्मचारियों को पहले ही नोटिस जारी किया था कि ट्रेनिंग में हिस्सा लेना अनिवार्य है। जो कर्मचारी इसमें शामिल नहीं होंगे, उनके वेतन और भत्ते रोक दिए जाएंगे। यह केवल चेतावनी नहीं है, बल्कि लागू होने वाला नियम है।”
सैलरी रोकने की चेतावनी के बाद कई कर्मचारियों ने प्रशिक्षण में शामिल होने का निर्णय लिया है। वहीं, कुछ कर्मचारियों ने तकनीकी और व्यक्तिगत कारणों से भाग लेने में दिक्कतें बताई हैं। अधिकारियों ने कहा कि यदि कोई कर्मचारी मान्य कारण प्रस्तुत करता है, तो उस पर सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण अपनाया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की सख्त नीति से कर्मचारियों में जिम्मेदारी और अनुशासन सुनिश्चित होता है। उन्होंने कहा कि जनगणना केवल सरकारी आंकड़ों तक सीमित नहीं है; यह शहर और राज्य की योजनाओं, विकास और संसाधनों के वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए स्टाफ की ट्रेनिंग और सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।
नगर निगम ने जनता से भी अपील की है कि वे कर्मचारियों को सहयोग दें और उन्हें घर-घर जाकर डेटा संग्रह में मदद करें। अधिकारीयों का कहना है कि सही और समय पर जनगणना के लिए कर्मचारी और नागरिक दोनों का सहयोग आवश्यक है।
नगर निगम ने स्पष्ट किया कि ट्रेनिंग में गैरहाजिरी करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सैलरी रोकने का नियम तुरंत लागू होगा। अधिकारियों ने कहा कि यह नीति कर्मचारियों के अधिकारों या सुरक्षा पर कोई असर नहीं डालती, बल्कि इसका उद्देश्य केवल प्रशिक्षण में भागीदारी सुनिश्चित करना है।
इस कदम से नगर निगम ने कर्मचारियों के बीच जिम्मेदारी का संदेश दिया है और साथ ही यह सुनिश्चित किया है कि इस बार की जनगणना समय पर और सटीक तरीके से संपन्न हो। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रशिक्षित और सक्रिय स्टाफ से ही आंकड़े सही तरीके से एकत्रित किए जा सकते हैं, जिससे सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों में अधिक प्रभावी निर्णय लिए जा सकते हैं।