Jalandhar जालंधर मानवजीत और जशनबीर सिंह ढिल्लों के पिता जतिंदर पाल सिंह ने आज कहा कि वह अपने दोनों बेटों को न्याय दिलाने के लिए लड़ते रहेंगे। उनका यह बयान कपूरथला कोर्ट के उस फैसले के बाद आया है जिसमें 2023 के ढिल्लों भाइयों की आत्महत्या के मामले में तीन पुलिस अधिकारियों (जिनमें एक पूर्व SHO भी शामिल हैं) को बरी कर दिया गया। कोर्ट ने माना कि उनके खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का अपराध साबित नहीं होता है।
जालंधर के रहने वाले मानवजीत ढिल्लों (40) और उनके छोटे भाई जशनबीर ढिल्लों (36) ने 17 अगस्त 2023 को गोइंदवाल पुल से ब्यास नदी में छलांग लगा दी थी। आरोप था कि जालंधर के पुलिस स्टेशन डिवीजन नंबर 1 के पुलिसकर्मियों ने उन्हें बुरी तरह अपमानित और परेशान किया था। इस घटना से लोगों में भारी गुस्सा फैल गया था। परिवार के सदस्यों, दोस्तों और समर्थकों ने संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए धरने दिए, कैंडल मार्च निकाले और विरोध प्रदर्शन किए।
2023 में आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में कपूरथला के तलवंडी चौधरियां पुलिस स्टेशन में SHO नवदीप सिंह, महिला कॉन्स्टेबल जगजीत कौर और ASI बलवीर कुमार के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। इन तीनों पर IPC की धारा 306, 506 और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया था। SHO को सस्पेंड भी किया गया था और बाद में नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था।
हालांकि, हालिया फैसले में एडिशनल सेशन जज गुरमीत टिवाना ने इन तीनों पुलिसकर्मियों को बरी कर दिया है। इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब परिवार ने भाइयों के एक करीबी दोस्त पर गवाह के तौर पर मुकरने का आरोप लगाया। इस दोस्त ने शुरू में न्याय के लिए चलाए गए अभियान का नेतृत्व किया था। दोस्त ने इस आरोप से इनकार किया है।

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