Jalandhar.जालंधर: इस साल जालंधर जिले में सरकारी खरीद केंद्रों पर गेहूं की खरीद 4.23 लाख मीट्रिक टन से अधिक दर्ज की गई है। यह आंकड़ा जिले में किसानों की उत्पादकता और विपणन व्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है।
जिलाधिकारी और कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष गेहूं की खेती में अच्छी पैदावार और समय पर कटाई के कारण खरीद में वृद्धि हुई है। किसानों ने सरकारी खरीद केंद्रों में अपने उत्पाद जमा कर उचित मूल्य सुनिश्चित किया। इस प्रक्रिया में फसल की गुणवत्ता, वजन और उचित मूल्य निर्धारण पर विशेष ध्यान रखा गया।
किसानों का कहना है कि सरकार की MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) नीति और आसान खरीद व्यवस्था ने उन्हें लाभान्वित किया। कई किसानों ने यह भी बताया कि इस साल खरीफ की खेती के दौरान सिंचाई और उर्वरक की उपलब्धता ने उनकी पैदावार को बढ़ावा दिया।
अधिकारियों ने बताया कि जिले में खरीद केंद्रों का संचालन समय पर और प्रभावी ढंग से किया गया। इस साल कृषि विभाग और स्थानीय प्रशासन ने सहयोगी स्टाफ की तैनाती कर किसानों को सुविधा प्रदान की। इसके अलावा, गेहूं की संग्रहण और परिवहन व्यवस्था भी सुचारू रूप से संचालित की गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि इस वर्ष की खरीद पिछले वर्षों की तुलना में अधिक है, जो जिले की कृषि प्रणाली की मजबूती को दर्शाती है। उन्होंने किसानों को बधाई दी और कहा कि समय पर फसल बेचने और सरकारी खरीद केंद्रों का लाभ उठाने से किसानों की आमदनी बढ़ाई जा सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जिले में गेहूं की बढ़ती खरीद कृषि क्षेत्र में निवेश और उत्पादन बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक संकेत है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की योजनाओं और समर्थन के कारण किसानों को अधिक लाभ मिल रहा है।
इस खरीद के परिणामस्वरूप, जिले में खाद्य सुरक्षा और स्टॉक की उपलब्धता भी सुनिश्चित हो रही है। अधिकारियों ने बताया कि यह गेहूं भंडारण और वितरण के लिए तैयार है, जिससे राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर आवश्यकतानुसार सप्लाई की जा सके।