जालंधर। जालंधर वेस्ट हलके के बस्ती शेख इलाके में एक युवक की संदिग्ध मौत के बाद नशे के खिलाफ कार्रवाई को लेकर मांग तेज हो गई है। भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक शीतल अंगुराल ने घटनास्थल पर पहुंचकर इलाके में नशे की कथित उपलब्धता और सार्वजनिक स्थानों पर नशीले पदार्थों के इस्तेमाल से जुड़ी सामग्री मिलने पर चिंता जताई। उन्होंने पुलिस प्रशासन से नशे की बिक्री और सप्लाई पर प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है।

मामला उस समय सामने आया जब बस्ती शेख इलाके में पानी की टंकी के पास एक युवक का शव मिला। प्रारंभिक तौर पर उसकी मौत नशे की ओवरडोज से होने की आशंका जताई गई थी। शव के पास कथित तौर पर नशे का इंजेक्शन मिलने की भी बात सामने आई। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम और आगे की जांच के बाद ही सामने आएगी।

परिवार ने खोया जवान बेटा

घटना के बाद मृतक के परिवार में मातम का माहौल है। शीतल अंगुराल ने कहा कि एक परिवार ने अपना जवान बेटा खो दिया है और इस घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने पीड़ित परिवार की ओर से इंसाफ की मांग किए जाने की बात कही।

अंगुराल ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र का हवाला देते हुए कहा कि जिस इलाके में बच्चे स्कूल जाने के लिए निकलते हैं, वहां नशे से जुड़ी सामग्री और इस्तेमाल की गई सीरिंजें मिलना गंभीर चिंता का विषय है। उनका कहना है कि बच्चों और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा को देखते हुए ऐसे स्थानों पर निगरानी और कार्रवाई बढ़ाई जानी चाहिए।

मौत के कारण पर अभी अंतिम पुष्टि नहीं

पुलिस के अनुसार, युवक की मौत को लेकर नशे की ओवरडोज की आशंका सामने आई है, लेकिन इसे अभी अंतिम कारण नहीं माना गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होने की बात पुलिस ने कही है। मृतक की पहचान भूषण कुमार के रूप में की गई थी और पुलिस के मुताबिक वह कुछ दिन पहले बिहार से जालंधर आया था।

इसलिए मामले में नशे की ओवरडोज को लेकर लगाए जा रहे दावों और आरोपों को जांच के अंतिम नतीजे से अलग रखना जरूरी है। पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही है।

पुलिस की कार्रवाई पर भी उठे सवाल

घटना के बाद शीतल अंगुराल और पुलिस के बीच घटनास्थल पर कार्रवाई को लेकर मतभेद की स्थिति भी सामने आई। अंगुराल ने पुलिस पर घटनास्थल से कथित साक्ष्य हटाने का आरोप लगाया, जबकि संबंधित थाना प्रभारी ने पुलिस की कार्रवाई को नियमानुसार बताया। इस विवाद की स्वतंत्र पुष्टि अलग से नहीं हुई है।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेजा था। जांच अधिकारियों के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में फिलहाल मौत की परिस्थितियों को लेकर जांच पूरी होने का इंतजार है।

नशे के खिलाफ कार्रवाई की मांग

शीतल अंगुराल ने पुलिस प्रशासन से जालंधर वेस्ट में नशे की बिक्री और सप्लाई के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि केवल घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय उन स्थानों की पहचान करना जरूरी है जहां नशीले पदार्थों की कथित बिक्री या इस्तेमाल होता है।

उनका कहना है कि स्कूलों और रिहायशी इलाकों के आसपास नशीले पदार्थों की मौजूदगी को लेकर विशेष निगरानी की जरूरत है। बच्चों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में इस्तेमाल की गई सीरिंज या अन्य नशीली सामग्री मिलने से स्थानीय लोगों में भी चिंता बढ़ती है।

जालंधर में पुलिस की ओर से नशे के खिलाफ अभियान भी चलाए जा रहे हैं। हाल में जालंधर ग्रामीण पुलिस ने विशेष तलाशी अभियान के दौरान एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मामले दर्ज कर गिरफ्तारियां की थीं। पुलिस के अनुसार, इन अभियानों में नशीली गोलियां, हेरोइन, भुक्की और अन्य सामग्री बरामद की गई।

संवेदनशील इलाकों पर निगरानी बढ़ाने की मांग

जालंधर वेस्ट की घटना के बाद स्थानीय स्तर पर संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त और निगरानी बढ़ाने की मांग सामने आई है। लोगों का कहना है कि नशीले पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सप्लाई नेटवर्क तक पहुंचना जरूरी है।

इस घटना ने एक बार फिर नशे की समस्या और इससे जुड़े सामाजिक प्रभावों को लेकर चर्चा तेज कर दी है। एक ओर मृतक के परिवार को बेटे की मौत का सदमा झेलना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर इलाके के लोगों में सार्वजनिक स्थानों पर नशे से जुड़ी गतिविधियों को लेकर चिंता है।

फिलहाल युवक की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच महत्वपूर्ण होगी। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत वास्तव में नशे की ओवरडोज से हुई थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था। वहीं, भाजपा नेता शीतल अंगुराल ने पुलिस प्रशासन से नशे के खिलाफ कार्रवाई तेज करने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।

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