लालड़ू: पंजाब में खेती की मोटरों को पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से नाराज किसानों ने मंगलवार को लालड़ू में अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे जाम कर दिया। किसानों के प्रदर्शन के कारण पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर की ओर जाने वाले वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
किसानों ने भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) के नेतृत्व में पावरकॉम के एक्सईएन कार्यालय लालड़ू के बाहर धरना दिया और पंजाब सरकार व बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
बिजली आपूर्ति को लेकर किसानों में नाराजगी
प्रदर्शन कर रहे किसानों का आरोप है कि खेती के लिए इस्तेमाल होने वाली मोटरों को जरूरत के अनुसार बिजली नहीं मिल रही है। इससे खेतों में सिंचाई का काम प्रभावित हो रहा है और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
किसानों का कहना है कि खेती पूरी तरह बिजली और पानी की उपलब्धता पर निर्भर है। ऐसे समय में जब फसलों को सिंचाई की जरूरत है, बिजली की कमी किसानों के लिए बड़ी समस्या बन गई है।
उन्होंने मांग की कि खेती की मोटरों के लिए तय समय के अनुसार पर्याप्त और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जाए।
बीकेयू एकता उगराहां ने किया प्रदर्शन
किसानों का यह प्रदर्शन भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के बैनर तले किया गया।
प्रदर्शन की अगुआई संगठन के जिला प्रधान लखविंदर सिंह हैप्पी मलकपुर ने की। बड़ी संख्या में किसान धरने में शामिल हुए और उन्होंने बिजली व्यवस्था को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।
किसानों ने कहा कि अगर बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जा सकता है।
अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे पर लगा जाम
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे पर जाम लगा दिया। हाईवे बंद होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
यात्रियों और वाहन चालकों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी हुई। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ के अलावा हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जाने वाले लोगों को भी जाम का सामना करना पड़ा।
कई वाहन चालकों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ा।
पुलिस ने संभाली स्थिति
हाईवे जाम की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
पुलिस अधिकारियों ने किसानों से बातचीत कर जाम खोलने की अपील की। हालांकि, किसान अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन पर डटे रहे।
प्रशासन की ओर से किसानों की समस्याओं को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया गया।
किसानों ने उठाई निर्बाध बिजली की मांग
धरने पर बैठे किसानों ने कहा कि खेती के मौसम में बिजली की कमी सीधे तौर पर फसल उत्पादन को प्रभावित करती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और पावरकॉम की ओर से पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
किसानों ने कहा कि बिजली कटौती के कारण मोटरें सही तरीके से नहीं चल पा रही हैं और खेतों में सिंचाई का काम प्रभावित हो रहा है।
पावरकॉम कार्यालय के बाहर जारी रहा धरना
किसानों ने पावरकॉम के एक्सईएन कार्यालय के बाहर बैठकर प्रदर्शन किया। उन्होंने अधिकारियों से मांग की कि बिजली आपूर्ति व्यवस्था में तुरंत सुधार किया जाए।
किसानों का कहना था कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
प्रशासन और किसानों के बीच बातचीत की कोशिश
प्रशासन की ओर से किसानों की मांगों पर चर्चा की कोशिश की गई। अधिकारियों ने कहा कि बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं की समीक्षा की जाएगी और किसानों की शिकायतों का समाधान करने का प्रयास किया जाएगा।
हालांकि, किसानों ने स्पष्ट किया कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं बल्कि समस्या का स्थायी समाधान चाहिए।
बिजली व्यवस्था पर बढ़ी बहस
पंजाब में खेती के लिए बिजली आपूर्ति हमेशा एक महत्वपूर्ण मुद्दा रही है। किसान संगठनों का कहना है कि कृषि क्षेत्र को पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
लालड़ू में किसानों के प्रदर्शन और हाईवे जाम ने एक बार फिर बिजली आपूर्ति को लेकर चल रही नाराजगी को सामने ला दिया है।
फिलहाल प्रशासन और किसान संगठनों के बीच बातचीत जारी है। अब देखना होगा कि सरकार और पावरकॉम किसानों की मांगों पर क्या कदम उठाते हैं।