Chandigarh चंडीगढ़ एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने मोहाली के SSP को समन जारी किया है। इसमें उन्हें 'सनटेक सिटी' रियल एस्टेट प्रोजेक्ट में किसानों के साथ कथित धोखाधड़ी से जुड़ी जानकारी देने का निर्देश दिया गया है। SSP को 10 सितंबर को एजेंसी के सामने पेश होने और ज़रूरी जानकारी देने का निर्देश दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, यह समन ED द्वारा 'प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (PMLA) की धारा 54 के तहत जांच से जुड़े रिकॉर्ड मांगने के बार-बार किए गए अनुरोधों के बाद जारी किया गया है। एजेंसी ने 27, 29 और 31 अगस्त को पुलिस जांच का विवरण मांगा था, लेकिन SSP के ऑफिस ने जानकारी नहीं दी। ED ने इससे पहले 1 जुलाई, 21 जुलाई, 14 अगस्त, 24 अगस्त और 25 अगस्त को पत्रों और ईमेल के ज़रिए अपनी जांच के नतीजे मोहाली पुलिस को भेजे थे। इन संदेशों में गंभीर अपराध (कॉग्निज़ेबल ऑफ़ेंस) होने के सबूतों का ज़िक्र किया गया था और नए मामले दर्ज करने की मांग की गई थी। हालांकि, नए अपराध दर्ज करने के अनुरोध पर एजेंसी को कोई जवाब नहीं मिला है।

यह मामला नवंबर 2022 में मुल्लांपुर पुलिस स्टेशन में 'इंडियन कोऑपरेटिव हाउस बिल्डिंग सोसाइटी' के तत्कालीन सचिव अजय सहगल और अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ दर्ज FIR से जुड़ा है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि न्यू चंडीगढ़ में 'सनटेक सिटी' प्रोजेक्ट के लिए ज़मीन के इस्तेमाल में बदलाव की मंज़ूरी लेने के वास्ते जाली सहमति पत्रों का इस्तेमाल करके किसानों को उनकी ज़मीन का वाजिब दाम नहीं दिया गया और उनके साथ धोखाधड़ी की गई। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने भी CWP 9767 ऑफ़ 2022 में इस मामले पर संज्ञान लिया था।

2022 की FIR के आधार पर ED की मनी-लॉन्ड्रिंग जांच के चलते सहगल की गिरफ्तारी हो चुकी है और प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट (अभियोजन शिकायत) भी दायर की जा चुकी है, जिसमें अपराध से हुई कथित कमाई का आंकड़ा लगभग 348 करोड़ रुपये बताया गया है। एजेंसी का कहना है कि इस प्रक्रिया में किसानों को उनकी ज़मीन का वाजिब दाम नहीं मिला। मोहाली पुलिस ने हाल ही में ED के नतीजों पर हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट की राय मांगी थी। SSP को जारी समन को एजेंसी द्वारा लंबित जांच रिकॉर्ड और जवाब हासिल करने की दिशा में अगला कदम माना जा रहा है।

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