जालंधर: पंजाब के जालंधर में दवाओं की बिक्री से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर ड्रग्स विभाग की टीम ने एक मेडिकल स्टोर पर छापामारी की है। कार्रवाई के दौरान टीम ने करीब 3.80 लाख रुपये की दवाइयों को सील करने की कार्रवाई की। मेडिकल स्टोर पर हुई इस कार्रवाई के बाद दवाओं की खरीद-बिक्री और उनसे संबंधित रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक ड्रग्स विभाग की टीम को मेडिकल स्टोर के संचालन और वहां बेची जा रही दवाओं को लेकर सूचना मिली थी। इसके आधार पर टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। स्टोर में रखी दवाओं के साथ उनके बिल, खरीद रिकॉर्ड और अन्य जरूरी दस्तावेजों की पड़ताल की गई।
जांच के दौरान करीब 3.80 लाख रुपये मूल्य की दवाओं को सील किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि इन सभी दवाओं को ‘नकली’, ‘अवैध’ या ‘खतरनाक’ कहना जांच पूरी होने से पहले उचित नहीं होगा। विभागीय जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दवाओं को किस नियम या कथित उल्लंघन के आधार पर सील किया गया। टीम ने मेडिकल स्टोर के पास उपलब्ध लाइसेंस और दवाओं की खरीद-बिक्री से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की। दवा कारोबार के लिए निर्धारित नियमों के तहत लाइसेंस, स्टॉक और बिक्री से संबंधित रिकॉर्ड रखना जरूरी होता है। कुछ श्रेणियों की दवाओं की बिक्री के लिए अतिरिक्त रिकॉर्ड और डॉक्टर के पर्चे से जुड़े नियम भी लागू होते हैं।
छापामारी के दौरान विभागीय अधिकारियों ने स्टोर में मौजूद स्टॉक का मिलान भी किया। अब संबंधित दवाओं के बिल और उनकी सप्लाई से जुड़े रिकॉर्ड की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जा सकती है। यदि किसी दवा की गुणवत्ता पर संदेह होता है तो नियमानुसार नमूने लेकर अधिकृत प्रयोगशाला में जांच कराई जा सकती है।
इस कार्रवाई का सबसे महत्वपूर्ण पहलू मरीजों की सुरक्षा है। मेडिकल स्टोर से खरीदी जाने वाली दवाओं की गुणवत्ता और सही तरीके से बिक्री सीधे मरीजों के स्वास्थ्य से जुड़ी होती है। इसी कारण दवा दुकानों और उनके स्टॉक की समय-समय पर निगरानी की जाती है।
हालांकि हेडलाइन में ‘मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़’ जैसे शब्द तभी तथ्य के रूप में लिखे जाने चाहिए, जब विभाग ने स्पष्ट रूप से नकली, एक्सपायर्ड या स्वास्थ्य के लिए खतरनाक दवाएं मिलने की पुष्टि की हो। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में 3.80 लाख रुपये की दवाएं सील किए जाने की बात है। ड्रग्स विभाग की जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि मेडिकल स्टोर पर किस तरह की अनियमितता मिली और संचालक के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सील की गई दवाओं और संबंधित दस्तावेजों की जांच जारी है।
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