होशियारपुर। पंजाब के होशियारपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां कस्बा हरियाना के अंतर्गत आने वाले गांव धूत कलां में गुरुवार सुबह एक पिता पर अपनी ही नाबालिग बेटी की बेरहमी से हत्या करने का आरोप लगा है। मृतका की पहचान 17 वर्षीय इंद्रप्रीत कौर के रूप में हुई है, जो 12वीं कक्षा की छात्रा थी। आरोप है कि पिता अमरजीत सिंह ने बेटी पर तेजधार हथियार से हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया। परिजनों का आरोप है कि आरोपी बेटे की चाहत में अपनी इकलौती बेटी से नाराज रहता था। हालांकि, पुलिस ने अभी हत्या के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
जानकारी के अनुसार, घटना गुरुवार सुबह करीब छह से सात बजे के बीच हुई। गांव धूत कलां में उस समय सनसनी फैल गई, जब एक किशोरी की उसके ही घर में हत्या किए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस को सुबह करीब सात बजे घटना की सूचना मिली। इसके बाद थाना हरियाना की पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, इंद्रप्रीत कौर अपने घर में मौजूद थी। इसी दौरान उसके पिता अमरजीत सिंह ने कथित तौर पर उस पर कृपाण से हमला कर दिया। हमले में किशोरी को गंभीर चोटें आईं और उसकी मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी घटनास्थल से फरार हो गया। घटना का पता चलते ही परिवार के सदस्य सदमे में आ गए।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और परिवार के सदस्यों से पूछताछ की। भूंगा चौकी प्रभारी एसआई अजमेर सिंह सहित पुलिस टीम ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए होशियारपुर के सरकारी अस्पताल के शवगृह में भिजवाया। पुलिस ने घटनास्थल से संबंधित साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई भी शुरू की है।
मृतका इंद्रप्रीत कौर गांव के सरकारी स्कूल में पढ़ती थी और 12वीं कक्षा की छात्रा थी। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, वह पढ़ाई में अच्छी थी और अपने भविष्य को लेकर आगे बढ़ रही थी। लेकिन इस घटना से उसकी जिंदगी अचानक समाप्त हो गई। एक स्कूली छात्रा की इस तरह हत्या होने से परिवार के साथ गांव में भी शोक का माहौल है।
इस हत्याकांड में सबसे गंभीर पहलू वारदात के पीछे बताई जा रही वजह है। परिजनों का आरोप है कि अमरजीत सिंह के मन में लंबे समय से बेटे की चाहत थी। परिवार में इंद्रप्रीत इकलौती बेटी थी और आरोपी इस बात को लेकर अक्सर नाराज रहता था। परिवार के सदस्यों का कहना है कि उन्हें कभी अंदाजा नहीं था कि यह नाराजगी इतनी बड़ी घटना का रूप ले सकती है।
मृतका के मामा मंजीत सिंह ने भी मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि आरोपी पिता हमेशा से बेटा चाहता था। उन्होंने कहा कि परिवार को कभी यह आशंका नहीं हुई थी कि वह अपनी ही बेटी की जान ले सकता है। परिजनों ने पुलिस प्रशासन से आरोपी की जल्द गिरफ्तारी और उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि हत्या के पीछे की वास्तविक वजह अभी पूरी तरह सामने नहीं आई है। बेटे की चाहत को लेकर लगाए जा रहे आरोप परिवार के सदस्यों के बयान पर आधारित हैं। पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है। आरोपी की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उसने कथित तौर पर इतना गंभीर कदम क्यों उठाया।
मामले की जानकारी देते हुए डीएसपी ग्रामीण नरिंदर सिंह ने बताया कि पुलिस को सुबह सूचना मिली थी कि धूत कलां गांव में एक व्यक्ति ने अपनी बेटी पर तेजधार हथियार से हमला किया है। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटना से संबंधित जानकारी जुटाई।
डीएसपी के अनुसार, आरोपी की पहचान अमरजीत सिंह के रूप में हुई है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। मृतका की मां बलजीत कौर के बयान के आधार पर थाना हरियाना में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को पकड़ने के प्रयास जारी हैं।
इस घटना के बाद पुलिस के सामने कई महत्वपूर्ण सवाल हैं। आरोपी ने कथित रूप से अपनी बेटी पर हमला किन परिस्थितियों में किया, उस समय घर में कौन-कौन मौजूद था और घटना से पहले परिवार में किसी बात को लेकर विवाद हुआ था या नहीं, इन सभी पहलुओं की जांच आवश्यक है।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वारदात के बाद आरोपी किस दिशा में भागा और वह किन लोगों के संपर्क में आया। आरोपी के फरार होने के कारण अभी उसका पक्ष सामने नहीं आया है। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ से घटना की परिस्थितियों के बारे में अधिक जानकारी मिलने की उम्मीद है।
परिवार के आरोपों के अनुसार, इस घटना के पीछे बेटा होने की चाहत एक महत्वपूर्ण कारण हो सकती है। यदि जांच में यह आरोप सही पाया जाता है, तो यह मामला समाज में बेटे और बेटी के बीच भेदभाव की गंभीर मानसिकता को भी उजागर करेगा। हालांकि, बिना जांच पूरी हुए किसी एक कारण को हत्या की निश्चित वजह बताना उचित नहीं होगा।
विशेषज्ञ लंबे समय से इस बात पर जोर देते रहे हैं कि परिवार और समाज में बेटियों को समान अधिकार, सम्मान और अवसर मिलना जरूरी है। शिक्षा, रोजगार और सामाजिक जीवन में लड़कियों की भागीदारी लगातार बढ़ी है, लेकिन बेटे को प्राथमिकता देने जैसी सोच अब भी कुछ परिवारों में मौजूद है। ऐसी मानसिकता के कारण होने वाला भेदभाव बच्चों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।
इंद्रप्रीत कौर की मौत ने एक बार फिर परिवार के भीतर बच्चों की सुरक्षा और उनके प्रति जिम्मेदारी के सवाल को सामने ला दिया है। जिस घर में एक किशोरी को सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए था, उसी घर में उसकी हत्या होने का आरोप उसके पिता पर लगा है।
फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर मौत से जुड़ी परिस्थितियों को स्पष्ट किया जाएगा। पुलिस आरोपी अमरजीत सिंह की तलाश कर रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
होशियारपुर के धूत कलां गांव में हुई इस घटना से स्थानीय लोगों में दुख और आक्रोश है। परिजन आरोपी की गिरफ्तारी और न्याय की मांग कर रहे हैं। अब पुलिस की जांच से ही यह स्पष्ट होगा कि इस हत्याकांड के पीछे वास्तविक कारण क्या था और आरोपी ने किन परिस्थितियों में वारदात को अंजाम दिया।