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1 नवंबर को विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन, कुमारी शैलजा ने उठाए बड़े सवाल

Ratna Netam
29 Oct 2026 7:24 PM IST
1 नवंबर को विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन, कुमारी शैलजा ने उठाए बड़े सवाल
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नई दिल्ली : 29 अक्टूबर 2026। कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी INDIA गठबंधन की 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित महारैली को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता कुमारी शैलजा ने इस रैली के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह लड़ाई अब जनता की अदालत में है। विपक्षी गठबंधन इस रैली के माध्यम से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), कथित वोट चोरी और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता से जुड़े सवालों को जनता के सामने उठाने की तैयारी कर रहा है। कांग्रेस का कहना है कि यह आंदोलन केवल राजनीतिक दलों का विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि मतदाताओं के अधिकारों और लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही से जुड़ा अभियान है।
कुमारी शैलजा ने रैली को महत्वपूर्ण बताते हुए जनता की भागीदारी पर जोर दिया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा लोकतंत्र के लिए आवश्यक है। विपक्ष इस मुद्दे को संसद और राजनीतिक मंचों के बाद अब सार्वजनिक आंदोलन के माध्यम से उठाना चाहता है। हालांकि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और वोट चोरी से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
INDIA गठबंधन ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में 'वोट बचाओ, देश बचाओ' महारैली आयोजित करने की घोषणा की है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में गठबंधन के विभिन्न दल इस कार्यक्रम की तैयारियों में जुटे हुए हैं। पार्टी का दावा है कि देशभर से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक दिल्ली पहुंचेंगे। कांग्रेस ने लगभग 10 लाख लोगों की भागीदारी का लक्ष्य रखा है। हालांकि वास्तविक उपस्थिति का पता कार्यक्रम आयोजित होने के बाद ही चलेगा।
रैली से पहले विपक्षी गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक 'जनता महाभियोग' कार्यक्रम आयोजित करने की भी घोषणा की है। यह कार्यक्रम 30 अक्टूबर को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर प्रस्तावित है। पहले इसे दूसरे स्थान पर आयोजित करने की योजना थी, लेकिन आयोजन स्थल से संबंधित अनुमति और प्रशासनिक कारणों के चलते स्थान बदलने का निर्णय लिया गया। इस कार्यक्रम में विपक्षी नेता चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से संबंधित अपनी आपत्तियां सामने रखेंगे। यह एक राजनीतिक एवं प्रतीकात्मक आयोजन होगा, न कि किसी संवैधानिक महाभियोग की औपचारिक प्रक्रिया।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा है कि INDIA गठबंधन संविधान की रक्षा और कथित चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन जारी रखेगा। उन्होंने बताया कि विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका को लेकर सवाल उठाए हैं। गठबंधन चुनाव आयोग की जवाबदेही सुनिश्चित करने और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को सार्वजनिक बहस का हिस्सा बनाने का प्रयास कर रहा है।
इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि 1 नवंबर को होने वाली रैली निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित की जाएगी। खरगे ने कहा कि विपक्ष का उद्देश्य लोगों को चुनावी अधिकारों और लोकतांत्रिक व्यवस्था से संबंधित मुद्दों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने बताया कि विभिन्न विपक्षी दल इस अभियान का समर्थन कर रहे हैं और आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी देशभर के नागरिकों और छात्र संगठनों से रैली में भाग लेने की अपील की है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया संदेश में इस कार्यक्रम को लोकतंत्र, संविधान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दों को उठाने का मंच बताया। राहुल गांधी ने कहा कि इस आंदोलन का उद्देश्य लोगों को लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। कांग्रेस नेतृत्व विभिन्न राज्यों के संगठनात्मक पदाधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है, ताकि रैली की तैयारियां पूरी की जा सकें।
रैली को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गए हैं। भाजपा ने कार्यक्रम की तारीख पर सवाल उठाए हैं। भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने 1 नवंबर को रैली आयोजित करने के फैसले की आलोचना करते हुए इसे 1984 के सिख विरोधी दंगों की स्मृति से जोड़ा है। वहीं कांग्रेस नेताओं ने इन आपत्तियों का जवाब देते हुए कहा है कि कार्यक्रम का उद्देश्य लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाना है।
दिल्ली के कुछ व्यापारिक संगठनों ने भी रैली को लेकर चिंता व्यक्त की है। व्यापारियों का कहना है कि त्योहारों के समय बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने से बाजारों में आवागमन और कारोबार प्रभावित हो सकता है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री से जुड़े प्रतिनिधियों ने रैली की तारीख बदलने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि रामलीला मैदान के आसपास कई बड़े व्यापारिक बाजार स्थित हैं, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्राहक और कारोबारी पहुंचते हैं।
हालांकि कांग्रेस नेतृत्व ने कार्यक्रम स्थगित करने के संकेत नहीं दिए हैं। दिल्ली पुलिस ने रैली के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत अनुमति दी है। इसके बाद आयोजन की तैयारियों को आगे बढ़ाया जा रहा है। सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन को लेकर संबंधित एजेंसियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
राजनीतिक विश्लेषण के लिहाज से यह रैली विपक्षी दलों के बीच समन्वय और संयुक्त आंदोलन की क्षमता को परखने का अवसर भी होगी। कांग्रेस और उसके सहयोगी दल मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहे हैं। दूसरी ओर भाजपा विपक्ष के आरोपों और रैली की तारीख को लेकर अपनी आपत्तियां सामने रख रही है।
एसआईआर को लेकर चल रही बहस का मुख्य विषय मतदाता सूची की शुद्धता और पात्र नागरिकों के मतदान अधिकारों की सुरक्षा है। विपक्षी दलों का आरोप है कि पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान कुछ पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने का खतरा है। इन आरोपों का निष्पक्ष परीक्षण और संबंधित चुनावी आंकड़ों की पुष्टि आवश्यक है। मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया कानूनी नियमों और चुनाव आयोग के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार की जाती है।
कुमारी शैलजा के बयान के संदर्भ में 1 नवंबर की प्रस्तावित महारैली को जनता के बीच चुनावी मुद्दों पर व्यापक चर्चा शुरू करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। कांग्रेस और INDIA गठबंधन इस कार्यक्रम के जरिए अपनी राजनीतिक मांगों को सार्वजनिक समर्थन दिलाने की कोशिश करेंगे। अब सभी की निगाहें 30 अक्टूबर के प्रतीकात्मक कार्यक्रम और 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली रैली पर टिकी हैं।
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