मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नेशनल डिफेंस कॉलेज डेलीगेशन से की मुलाकात, पांच देशों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल
Punjab पंजाब: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को नेशनल डिफेंस कॉलेज के एक प्रतिनिधिमंडल (डेलीगेशन) से मुलाकात की। इस डेलीगेशन में भारत के अलावा बांग्लादेश, मिस्र, इंडोनेशिया, मलेशिया और नेपाल के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने डेलीगेशन का स्वागत करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम देशों के बीच रणनीतिक सहयोग, सुरक्षा और सामरिक प्रशिक्षण को मजबूत करने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने बताया कि पंजाब राज्य हमेशा राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में योगदान देने के लिए तत्पर रहा है।
डेलीगेशन के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को पंजाब की सुरक्षा व्यवस्था, आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र और नागरिक सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ चर्चा करते हुए कहा कि सामरिक प्रशिक्षण और नेतृत्व विकास पर जोर देना आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए बेहद जरूरी है। भगवंत मान ने कहा कि पंजाब राज्य अपने नागरिकों की सुरक्षा, कानून व्यवस्था और सामुदायिक सहयोग को प्राथमिकता देता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय डेलीगेशन से प्राप्त अनुभव और ज्ञान को राज्य में लागू करने के लिए कई नए उपाय अपनाए जा सकते हैं।
इस अवसर पर नेशनल डिफेंस कॉलेज के अधिकारियों ने पंजाब की सुरक्षा संरचना, पुलिस बल की तैयारी, आधुनिक तकनीकी उपकरणों और आपदा प्रबंधन क्षमताओं का प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि विभिन्न देशों के अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श से सामरिक और रणनीतिक निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि होती है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने डेलीगेशन के सभी अधिकारियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय आदान-प्रदान से न केवल राज्य बल्कि देश की सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत होती है। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब राज्य में युवाओं को सामरिक शिक्षा और नेतृत्व प्रशिक्षण के अवसर प्रदान करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इस मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब में रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में उपलब्ध संसाधनों, प्रशिक्षण सुविधाओं और सामरिक रणनीतियों का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि भविष्य में और भी सहयोगी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रणनीतिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।