Punjab.पंजाब: केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पंजाब सरकार को पत्र लिखकर आबकारी नीति में इथेनॉल उत्पादन पर लगाए गए शुल्क पर पुनर्विचार करने को कहा है। मंत्रालय ने कहा है कि इस कदम से इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम में बाधा आ सकती है और ईंधन की कीमतें बढ़ सकती हैं। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव ने पंजाब के मुख्य सचिव केएपी सिन्हा को लिखे पत्र में कहा है कि आबकारी नीति में नियामक शुल्क (इथेनॉल परमिट/पास) लगाने का प्रावधान राज्यों के भीतर और बाहर इथेनॉल की मुक्त आवाजाही को प्रतिबंधित कर सकता है।
मंत्रालय ने कहा कि इससे अंततः इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल की लागत बढ़ जाएगी। मंत्रालय ने कहा, "तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) द्वारा मंत्रालय के संज्ञान में लाया गया है कि हरियाणा की आबकारी नीति 2025-27 के अनुसार, डिस्टिलरी के लिए लाइसेंस शुल्क/वार्षिक नवीनीकरण शुल्क में पर्याप्त वृद्धि की गई है।" मंत्रालय ने यह भी बताया है कि पंजाब ने मार्च 2025 तक ईएसवाई 2024-25 में 18.8 का मिश्रण प्रतिशत हासिल करके इस कार्यक्रम की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ओएमसी द्वारा मंत्रालय के संज्ञान में लाया गया है कि पंजाब की आबकारी नीति के अनुसार, डिस्टिलरी के लिए लाइसेंस शुल्क, वार्षिक नवीनीकरण शुल्क और क्षमता वृद्धि शुल्क में पर्याप्त वृद्धि की गई है।”