Amritsar.अमृतसर: सीमा सुरक्षा बल और सीमावर्ती क्षेत्र की युवा आबादी के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध विकसित करने के उद्देश्य से भारतीय एथलेटिक्स महासंघ ने बीएसएफ के साथ मिलकर रविवार को यहां ‘बॉर्डरमैन मैराथन-2025’ का आयोजन किया। मैराथन की विभिन्न श्रेणियों में पेशेवरों, शौकिया धावकों और विभिन्न केंद्रीय पुलिस बलों, सेना और पंजाब पुलिस के कर्मियों सहित 5,200 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। बीएसएफ के महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी ने गोल्डन गेट से इसे हरी झंडी दिखाई। उन्होंने युद्ध स्मारक से 21 किलोमीटर की हाफ मैराथन और यहां लाहोरीमल गांव से 10 किलोमीटर की दौड़ को भी हरी झंडी दिखाई। सभी मैराथन अटारी-वाघा संयुक्त चेक-पोस्ट पर संपन्न हुईं। मैराथन का विषय ‘अमृतसर, पंजाब में सीमावर्ती आबादी के साथ हाथ मिलाना’ था। मैराथन मार्ग पर बीएसएफ कर्मियों के साथ-साथ सैकड़ों स्थानीय लोग भी धावकों का उत्साह बढ़ाने और उनका मनोबल बढ़ाने के लिए मौजूद थे।
इस अवसर पर बोलते हुए बीएसएफ डीजी ने कहा कि एकता और अखंडता का संदेश देने के अलावा मैराथन दैनिक दिनचर्या में शारीरिक फिटनेस को भी बढ़ावा देती है। उन्होंने कहा कि यह “नशे को न कहें” का संदेश देकर नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ जागरूकता भी फैलाती है। डीजी ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम युवाओं को न केवल एक अच्छा खिलाड़ी बनने के लिए प्रेरित करते हैं, बल्कि अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए धैर्य और हिम्मत दिखाने की क्षमता भी विकसित करते हैं। उन्होंने मैराथन में प्रतियोगिता की विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं को पुरस्कार और पदक भी सौंपे। समापन समारोह के दौरान बीएसएफ महिला बैंड ने मधुर धुन बजाई। बीएसएफ के जवानों और अन्य लोगों द्वारा एक शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस अवसर पर अन्य अधिकारियों में सतीश के खंडारे, एडीजी बीएसएफ (पश्चिमी कमान), डॉ अतुल फुलजेले, आईजी, बीएसएफ पंजाब फ्रंटियर और एसएस चंदेल, डीआईजी, बीएसएफ अमृतसर शामिल थे।