चंडीगढ़ : चंडीगढ़ के लोगों के लिए नई परिवहन सुविधा की शुरुआत हो गई है। भारत टैक्सी सेवा शुक्रवार से चंडीगढ़ में शुरू की गई है। इस सेवा की खास बात यह है कि इसमें टैक्सी चालक सिर्फ ड्राइवर नहीं होंगे, बल्कि सहकारी व्यवस्था के तहत हिस्सेदार भी बनाए जाएंगे। चंडीगढ़ प्रशासन के सहकारिता विभाग की ओर से भारत टैक्सी सेवा का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने डिजिटल माध्यम से सेवा की शुरुआत की। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री भी मौजूद रहे।
ड्राइवरों को मिलेगा भागीदारी का मौका
भारत टैक्सी का मॉडल सामान्य कैब सेवाओं से अलग बताया जा रहा है। इसमें टैक्सी चालकों को केवल सेवा देने वाले कर्मचारी की तरह नहीं, बल्कि सहकारी संस्था के सदस्य और हिस्सेदार के रूप में जोड़ने की योजना है। इसका उद्देश्य ड्राइवरों की आय और भागीदारी बढ़ाना है। इस मॉडल में तकनीक आधारित प्लेटफॉर्म के जरिए यात्रियों और ड्राइवरों को जोड़ा जाएगा। प्रशासन का कहना है कि सहकारी व्यवस्था से परिवहन क्षेत्र में पारदर्शिता और भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा।
ओला उबर से अलग मॉडल
भारत टैक्सी को ड्राइवर-केंद्रित प्लेटफॉर्म के तौर पर पेश किया जा रहा है। इसमें ड्राइवरों को प्लेटफॉर्म से जुड़े लाभों में हिस्सेदारी देने पर जोर है। रिपोर्टों के अनुसार, इसका उद्देश्य कमीशन आधारित मॉडल की जगह सहकारी मॉडल को बढ़ावा देना है।
यात्रियों को क्या फायदा?
भारत टैक्सी सेवा से यात्रियों को कैब बुकिंग का एक नया विकल्प मिलेगा। तकनीक आधारित बुकिंग, ड्राइवर सत्यापन और डिजिटल भुगतान जैसी सुविधाएं इसमें शामिल होंगी। प्रशासन का मानना है कि इससे शहर में परिवहन व्यवस्था को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
सहकारी परिवहन की नई पहल
भारत टैक्सी को देश में सहकारी क्षेत्र की परिवहन पहल के रूप में देखा जा रहा है। इसका लक्ष्य ड्राइवरों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और यात्रियों को भरोसेमंद टैक्सी सेवा उपलब्ध कराना है। चंडीगढ़ में शुरुआत के बाद आने वाले समय में इस सेवा का विस्तार अन्य शहरों में भी किए जाने की योजना है।