Punjab मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को ऐतिहासिक छप्पर चिड़ी से 'युद्ध नशे के विरुद्ध' अभियान के आखिरी चरण की शुरुआत की। उन्होंने सभी 23 ज़िलों में एक बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, ताकि नशे के ख़िलाफ़ लड़ाई में लोगों की भागीदारी बढ़ाई जा सके। हर पंजाबी से इस अभियान में शामिल होने की अपील करते हुए मान ने कहा कि सरकार नशे को छिपकर भी नहीं बिकने देगी। उन्होंने युवाओं से नशा छोड़ने और शिक्षा व खेल को अपनाने का आग्रह किया। साथ ही, उन्होंने घोषणा की कि रैली के साथ सुझाव और शिकायत बॉक्स भी होंगे, ताकि लोगों की राय और नशा तस्करों के बारे में जानकारी इकट्ठा की जा सके।
छप्पर चिड़ी का बाबा बंदा सिंह बहादुर से जुड़ाव का ज़िक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि साहस और बलिदान की भावना पंजाब की नशे के ख़िलाफ़ लड़ाई में मार्गदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि यह अभियान सिर्फ़ तस्करों से निपटने के बारे में नहीं है, बल्कि राज्य के युवाओं की ज़िंदगी और भविष्य को बचाने के बारे में भी है।
मान ने बताया कि ज़मीनी स्तर पर नशे से निपटने के लिए लगभग 15,000 विलेज और वार्ड डिफेंस कमेटियाँ बनाई गई हैं, जिनमें करीब 1.25 लाख वॉलंटियर शामिल हैं। उन्होंने दावा किया कि 81,000 से ज़्यादा नशा तस्करों को गिरफ़्तार किया गया है और 3,900 किलोग्राम हेरोइन व 983 किलोग्राम अफ़ीम ज़ब्त की गई है। उन्होंने कहा कि नशा तस्करी के मामलों में सज़ा दिलाने की दर 89 प्रतिशत तक पहुँच गई है। मुख्यमंत्री ने इस अभियान में शामिल होने के लिए अभिनेत्री नीरू बाजवा और उनकी आने वाली फ़िल्म 'थापी' की टीम का भी धन्यवाद किया। ED और CBI बीजेपी के इशारे पर काम कर रहे हैं।
संगरूर के बल्लरां में 'लोक मिलनी' को संबोधित करते हुए मान ने आरोप लगाया कि बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पंजाब के मुद्दों को उठाने के कारण उनकी सरकार के ख़िलाफ़ ED और CBI का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि उनकी राजनीति निजी हितों के बजाय जनसेवा से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि जनता का पैसा कल्याण और विकास पर खर्च किया जा रहा है, जबकि पारंपरिक विपक्षी पार्टियाँ राज्य के संसाधनों का फ़ायदा उठाने के लिए सत्ता हासिल करना चाहती हैं।