Punjab भारत-पाकिस्तान सीमा पर 'बॉर्डर आउटपोस्ट पचरियन' के पास पुलिस और बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) के जॉइंट ऑपरेशन में 20 किलो हेरोइन के साथ चांदी की पायल के तीन जोड़े मिलने से रहस्य पैदा हो गया है। खबरों के मुताबिक, ये पायल एक नारंगी रंग के पाउच में मिलीं, जिस पर 'अली वकार ज्वैलर्स, मेन बाज़ार, कसूर, पाकिस्तान' का नाम लिखा था। जांच करने वाले यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि ड्रग्स के साथ ये गहने क्यों भेजे गए थे और ये किसके लिए थे।
सूत्रों का अनुमान है कि यह बरामदगी ड्रग तस्करों और जासूसी नेटवर्क में शामिल महिलाओं के बीच संभावित कनेक्शन की ओर इशारा कर सकती है। हालांकि, ऐसा कोई सबूत सामने नहीं आया है जिससे यह कनेक्शन साबित हो सके। यह बरामदगी फरीदकोट की रहने वाली गुरनूर सिद्धू की गिरफ्तारी के बीच हुई है, जिस पर पाकिस्तानी हैंडलर्स को सेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारी देने का आरोप है। बताया जाता है कि वह फिरोजपुर की रहने वाली है और उसने फरीदकोट में अपना पता दिखाने के लिए नकली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया था। इस जासूसी मामले में सेना के दो जवानों को भी सह-आरोपी बनाया गया है।
सूत्रों का कहना है कि जांच करने वाले यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या पाकिस्तान की ISI से जुड़ी जासूसी गतिविधियों में और भी महिलाएं शामिल हो सकती हैं। इन संभावनाओं की अभी पुष्टि नहीं हुई है और सिद्धू के मामले और गहनों की बरामदगी के बीच कोई कनेक्शन साबित नहीं हुआ है। 'द ट्रिब्यून' से बात करते हुए, एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि ड्रग्स के साथ गहनों का मिलना असामान्य बात है। अधिकारी ने कहा कि जांच करने वाले यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या भारतीय तस्करों ने खास तौर पर इन पायलों की मांग की थी या सीमा पार बैठे हैंडलर्स ने इन्हें तोहफे के तौर पर भेजा था।
सूत्रों ने बताया कि सीमा के पास स्थित पाकिस्तानी शहर कसूर अपने पारंपरिक पंजाबी जूतों और गहनों के लिए जाना जाता है।
SSP भूपिंदर सिंह ने कहा कि पुलिस ने हेरोइन की खेप लेने वाले संदिग्ध लोगों की पहचान कर ली है। यह खेप पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए गिराई गई थी और उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिशें चल रही हैं। पायलों के बारे में उन्होंने कहा कि पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये किसके लिए भेजी गई थीं और ड्रग्स के साथ इन्हें भेजने का मकसद क्या था। एक अन्य अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि अभी गहनों की बरामदगी और सिद्धू की गिरफ्तारी के बीच कोई कनेक्शन साबित नहीं हो सका है, हालांकि जांच पूरी होने तक इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
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