अमृतसर। पंजाब में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है, जिससे राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान बढ़ने लगा है और लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। पिछले कुछ दिनों की तुलना में बारिश की गतिविधियों में कमी आने से दिन का तापमान बढ़ा है। हालांकि मौसम विभाग ने मंगलवार को राज्य के 18 जिलों में हल्की बारिश और बूंदाबांदी की संभावना जताई है, लेकिन किसी भी जिले के लिए भारी बारिश, तेज आंधी या बिजली गिरने का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को राज्य के औसत अधिकतम तापमान में पिछले दिन की तुलना में 1.5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई। तापमान में बढ़ोतरी के बावजूद यह सामान्य सीमा के आसपास बना हुआ है, लेकिन बारिश की कमी के कारण उमस में इजाफा हुआ है। दिनभर तेज धूप और बादलों की आवाजाही के बीच लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल सकी।
राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान बठिंडा में 39.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा पटियाला में 37.1 डिग्री, लुधियाना में 35.6 डिग्री, फिरोजपुर में 35.3 डिग्री, मोहाली और फरीदकोट में 34.6 डिग्री, जालंधर में 33.4 डिग्री तथा अमृतसर में 32.9 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। तापमान में हुई इस बढ़ोतरी का असर आम जनजीवन पर भी दिखाई दिया और दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही अपेक्षाकृत कम रही।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार मंगलवार को अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर, पठानकोट, होशियारपुर, कपूरथला, जालंधर, नवांशहर, रूपनगर, मोहाली, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, संगरूर, बरनाला, फरीदकोट, फिरोजपुर और मुक्तसर जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। हालांकि इन क्षेत्रों में व्यापक बारिश की संभावना नहीं है और अधिकांश स्थानों पर केवल बादल छाने या हल्की फुहारें पड़ने का अनुमान है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून पूरी तरह कमजोर नहीं पड़ा है, लेकिन फिलहाल इसकी सक्रियता में कमी आई है। यही कारण है कि बारिश की तीव्रता कम हुई है और तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। यदि अगले कुछ दिनों में मानसूनी गतिविधियां दोबारा सक्रिय होती हैं, तो तापमान में गिरावट आने के साथ लोगों को उमस से राहत मिल सकती है।
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल राज्य में कहीं भी भारी बारिश जैसी स्थिति बनने के संकेत नहीं हैं। इसी वजह से किसी भी जिले के लिए येलो, ऑरेंज या रेड अलर्ट जारी नहीं किया गया है। विभाग लगातार मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और परिस्थितियों में बदलाव होने पर नया पूर्वानुमान जारी करेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश की कमी का असर कृषि गतिविधियों पर भी पड़ सकता है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां धान और अन्य खरीफ फसलों की सिंचाई काफी हद तक वर्षा पर निर्भर करती है। हालांकि अभी स्थिति चिंताजनक नहीं है, लेकिन यदि मानसून की सुस्ती लंबे समय तक बनी रहती है तो किसानों की चिंता बढ़ सकती है।
फिलहाल लोगों को सलाह दी गई है कि दोपहर के समय तेज धूप और उमस से बचने के लिए आवश्यक सावधानी बरतें। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में मानसून की गतिविधियों में बदलाव संभव है और इसके आधार पर आगे का पूर्वानुमान जारी किया जाएगा। तब तक पंजाब में हल्की बारिश के बीच गर्मी और उमस का दौर जारी रहने की संभावना बनी हुई है।