सुशांत कुमार पुरोहित ने संभाला पारादीप पोर्ट अथॉरिटी के चेयरपर्सन का अतिरिक्त कार्यभार
भुवनेश्वर: भारत सरकार के बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के आदेश के बाद वरिष्ठ अधिकारी सुशांत कुमार पुरोहित ने पारादीप पोर्ट अथॉरिटी (PPA) के चेयरपर्सन का अतिरिक्त कार्यभार संभाल लिया है।
सुशांत कुमार पुरोहित वर्तमान में V.O. चिदंबरनार पोर्ट अथॉरिटी के चेयरपर्सन के पद पर कार्यरत हैं। अब उन्हें पारादीप पोर्ट अथॉरिटी की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
मंत्रालय के आदेश के बाद मिली जिम्मेदारी
बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के बाद सुशांत कुमार पुरोहित ने पारादीप पोर्ट अथॉरिटी के चेयरपर्सन का कार्यभार संभाला।
उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब देश में बंदरगाहों के आधुनिकीकरण, लॉजिस्टिक्स क्षमता बढ़ाने और समुद्री व्यापार को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
IRSEE के वरिष्ठ अधिकारी हैं पुरोहित
सुशांत कुमार पुरोहित इंडियन रेलवे सर्विस ऑफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियर्स (IRSEE) के 1996 बैच के अधिकारी हैं।
अपने लंबे प्रशासनिक करियर में उन्होंने इंजीनियरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, नीति निर्माण और सार्वजनिक क्षेत्र के प्रबंधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों का अनुभव हासिल किया है।
उनके पास बड़े संस्थानों के संचालन और विकास से जुड़ा व्यापक अनुभव है।
V.O. चिदंबरनार पोर्ट अथॉरिटी में निभा रहे थे जिम्मेदारी
पारादीप पोर्ट अथॉरिटी का अतिरिक्त कार्यभार संभालने से पहले पुरोहित V.O. चिदंबरनार पोर्ट अथॉरिटी के चेयरपर्सन के रूप में काम कर रहे थे।
इस दौरान उन्होंने बंदरगाह संचालन, बुनियादी ढांचे के विकास और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कार्यों को संभाला।
अब पारादीप पोर्ट अथॉरिटी में भी उनके अनुभव का लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
रसायन और पेट्रोकेमिकल विभाग में रह चुके हैं संयुक्त सचिव
सुशांत कुमार पुरोहित इससे पहले भारत सरकार के रसायन और पेट्रोकेमिकल विभाग में संयुक्त सचिव के पद पर भी कार्य कर चुके हैं।
इस भूमिका में वह नीति निर्माण, औद्योगिक विकास और संबंधित क्षेत्र की योजनाओं को आगे बढ़ाने से जुड़े कार्यों में शामिल रहे।
उनके पास केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में काम करने का अनुभव है।
बंदरगाह क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका
भारत के समुद्री व्यापार में प्रमुख बंदरगाहों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। सरकार बंदरगाहों की क्षमता बढ़ाने, बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाएं विकसित करने पर जोर दे रही है।
पारादीप पोर्ट अथॉरिटी देश के प्रमुख बंदरगाहों में शामिल है और पूर्वी तट पर व्यापारिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
विकास योजनाओं को मिलेगी गति
उम्मीद की जा रही है कि सुशांत कुमार पुरोहित के अनुभव से पारादीप पोर्ट के विकास कार्यों को गति मिलेगी।
बंदरगाह क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार, संचालन क्षमता बढ़ाने और नई तकनीकों के इस्तेमाल जैसे क्षेत्रों में उनके अनुभव का फायदा मिल सकता है।
प्रशासनिक अनुभव का मिलेगा लाभ
अधिकारियों के अनुसार, पुरोहित का प्रशासनिक और तकनीकी अनुभव पारादीप पोर्ट अथॉरिटी के लिए उपयोगी साबित होगा।
उन्होंने रेलवे, केंद्र सरकार के विभागों और बंदरगाह प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में काम किया है, जिससे उन्हें बड़े संस्थानों के संचालन की समझ है।
समुद्री क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में कदम
भारत सरकार लगातार समुद्री क्षेत्र को मजबूत करने और बंदरगाह आधारित विकास को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है।
ऐसे में प्रमुख बंदरगाहों पर अनुभवी अधिकारियों की नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सुशांत कुमार पुरोहित के पारादीप पोर्ट अथॉरिटी के अतिरिक्त चेयरपर्सन बनने से अब संस्थान के प्रशासन और विकास कार्यों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। उनके सामने पोर्ट की क्षमता बढ़ाने और संचालन को और बेहतर बनाने की अहम जिम्मेदारी होगी।