ओडिशा : केंद्र सरकार ने शनिवार को राज्यों को टैक्स बंटवारे (Tax Devolution) के तहत 1,09,019 करोड़ रुपये की अतिरिक्त किस्त जारी करने की घोषणा की। वित्त मंत्रालय के अनुसार, यह राशि राज्यों को मिलने वाली नियमित मासिक टैक्स हिस्सेदारी के अतिरिक्त है।
सरकार ने बताया कि यह अतिरिक्त किस्त राज्यों को उनके पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) और विकास से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद करने के उद्देश्य से जारी की गई है। आमतौर पर राज्यों को केंद्र सरकार द्वारा एक वित्त वर्ष में निर्धारित हिस्से के अनुसार कर राजस्व का वितरण किया जाता है।
नियमित मासिक किस्त से अलग जारी हुई राशि
वित्त मंत्रालय के अनुसार, राज्यों को 1,09,019 करोड़ रुपये की यह राशि 10 अगस्त को जारी होने वाली सामान्य मासिक टैक्स डिवोल्यूशन किस्त के अतिरिक्त दी गई है।
केंद्र सरकार का कहना है कि अतिरिक्त राशि जारी करने से राज्यों के पास विकास योजनाओं को लागू करने और बुनियादी ढांचे से जुड़े कामों को गति देने के लिए अधिक वित्तीय संसाधन उपलब्ध होंगे।
राज्यों को सड़क, परिवहन, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई, शहरी विकास और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में खर्च बढ़ाने के लिए इस राशि से सहायता मिलेगी।
ओडिशा को मिले 4,819 करोड़ रुपये
केंद्र सरकार ने एडवांस टैक्स डिवोल्यूशन के तहत ओडिशा को 4,819 करोड़ रुपये जारी किए हैं। यह राशि राज्य के पूंजीगत और विकास संबंधी खर्चों को बढ़ाने में मदद करेगी।
ओडिशा सरकार इस राशि का उपयोग विभिन्न विकास परियोजनाओं और बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों में कर सकेगी। केंद्र की ओर से यह कदम राज्यों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने और विकास कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
राज्यों को टैक्स राजस्व में मिलता है हिस्सा
संविधान के प्रावधानों के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा एकत्र किए गए विभाज्य कर राजस्व का एक हिस्सा राज्यों को दिया जाता है। वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर राज्यों को यह हिस्सा मिलता है।
वर्तमान व्यवस्था के तहत राज्यों को केंद्र के शुद्ध कर राजस्व का 41 प्रतिशत हिस्सा दिया जाता है। यह राशि पूरे वित्त वर्ष में निर्धारित किस्तों के माध्यम से राज्यों तक पहुंचाई जाती है।
टैक्स डिवोल्यूशन राज्यों के लिए आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत है, जिससे वे अपने प्रशासनिक खर्चों के साथ-साथ विकास योजनाओं को भी संचालित करते हैं।
पूंजीगत खर्च बढ़ाने पर सरकार का जोर
केंद्र सरकार लगातार राज्यों से पूंजीगत खर्च बढ़ाने पर जोर देती रही है। पूंजीगत खर्च में सड़क, पुल, रेलवे, जल परियोजनाओं, सार्वजनिक सुविधाओं और अन्य स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण पर होने वाला खर्च शामिल होता है।
सरकार का मानना है कि पूंजीगत निवेश बढ़ने से रोजगार के अवसर पैदा होते हैं और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है।
अतिरिक्त टैक्स किस्त जारी करने का फैसला इसी दिशा में एक कदम माना जा रहा है, ताकि राज्यों को विकास परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त वित्तीय क्षमता मिल सके।
राज्यों को वित्तीय राहत की उम्मीद
कई राज्यों ने पिछले कुछ समय में विकास योजनाओं और बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों के लिए अधिक वित्तीय संसाधनों की जरूरत बताई थी। ऐसे में केंद्र की ओर से जारी अतिरिक्त राशि राज्यों के लिए राहत देने वाली मानी जा रही है।
राज्य सरकारें इस राशि का इस्तेमाल अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार कर सकेंगी। इससे स्थानीय स्तर पर चल रही योजनाओं और परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की कोशिश
केंद्र सरकार का कहना है कि राज्यों को समय पर वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने से देश की आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलती है। जब राज्य सरकारें अधिक खर्च करती हैं, तो इसका असर निर्माण, रोजगार और स्थानीय बाजारों पर भी पड़ता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, राज्यों को मिलने वाली अतिरिक्त राशि से बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं में निवेश बढ़ सकता है, जिससे अर्थव्यवस्था को गति मिल सकती है।
फिलहाल केंद्र सरकार द्वारा जारी 1,09,019 करोड़ रुपये की अतिरिक्त टैक्स किस्त से राज्यों को वित्तीय मजबूती मिलने की उम्मीद है। वहीं, ओडिशा सहित अन्य राज्यों को मिली अतिरिक्त राशि से विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की संभावना है।