भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने बिना वैध ‘पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट’ (PUCC) के वाहन चलाने वालों के लिए जुर्माने की दरों में बदलाव किया है। राज्य के परिवहन मंत्री विभूति भूषण जेना ने नई जुर्माना व्यवस्था की जानकारी दी। संशोधित नियमों के तहत अलग-अलग श्रेणी के वाहनों के लिए पहली और दूसरी बार बिना वैध PUCC पकड़े जाने पर अलग-अलग जुर्माना निर्धारित किया गया है।
सरकार के इस फैसले से बिना वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र के वाहन चलाने वालों को पहले की तुलना में राहत मिल सकती है। हालांकि, बार-बार नियम तोड़ने पर अधिक जुर्माना देना होगा। नई व्यवस्था में दोपहिया और तीन पहिया वाहनों के साथ कार, जीप, मोटर कैब, ट्रैक्टर-ट्रेलर तथा अन्य वाहनों के लिए अलग-अलग दरें तय की गई हैं।
मोटरसाइकिल पर पहली बार 1,000 रुपये जुर्माना
नई व्यवस्था के अनुसार, यदि मोटरसाइकिल चालक पहली बार बिना वैध PUCC के वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है तो उस पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। दूसरी बार इसी उल्लंघन में पकड़े जाने पर जुर्माना बढ़कर 2,000 रुपये हो जाएगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य पहली बार नियम तोड़ने वालों पर अपेक्षाकृत कम आर्थिक बोझ डालना और दोबारा गलती करने पर सख्ती बढ़ाना है।
PUCC यह प्रमाणित करता है कि वाहन से होने वाला प्रदूषण निर्धारित मानकों के भीतर है। इसलिए वाहन मालिकों के लिए समय पर प्रदूषण जांच कराकर वैध प्रमाणपत्र रखना जरूरी है।
थ्री-व्हीलर के लिए भी यही दर
तीन पहिया वाहनों के लिए भी नई जुर्माना दर मोटरसाइकिल के समान रखी गई है। बिना वैध PUCC के पहली बार पकड़े जाने पर 1,000 रुपये और दूसरी बार पकड़े जाने पर 2,000 रुपये का जुर्माना निर्धारित किया गया है।
ऑटो और अन्य थ्री-व्हीलर बड़ी संख्या में यात्रियों और सामान के परिवहन के लिए इस्तेमाल होते हैं। ऐसे वाहनों से निकलने वाले उत्सर्जन पर नियंत्रण रखने के लिए प्रदूषण प्रमाणपत्र जरूरी है।
ट्रैक्टर और ट्रेलर पर 2,000 से 5,000 रुपये
ट्रैक्टर और ट्रेलर के लिए पहली बार बिना वैध PUCC पकड़े जाने पर 2,000 रुपये का जुर्माना तय किया गया है। दूसरी बार नियम का उल्लंघन करने पर यह राशि बढ़कर 5,000 रुपये हो जाएगी।
कृषि और माल ढुलाई से जुड़े वाहनों में ट्रैक्टर-ट्रेलर का व्यापक इस्तेमाल होता है। इन वाहनों के लिए अलग जुर्माना दर निर्धारित की गई है।
मोटर कैब पर भी 2,000 रुपये से शुरुआत
मोटर कैब श्रेणी में पहली बार बिना वैध PUCC वाहन चलाते पकड़े जाने पर 2,000 रुपये का जुर्माना लगेगा। दूसरी बार उल्लंघन करने पर 5,000 रुपये देना होगा।
मोटर कैब में टैक्सी और व्यावसायिक इस्तेमाल वाले कुछ वाहन शामिल हो सकते हैं। ऐसे वाहनों का नियमित संचालन होने के कारण उनके प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र को अपडेट रखना महत्वपूर्ण है।
कार और जीप के लिए 2,000 रुपये जुर्माना
कार और जीप के लिए भी पहली बार बिना वैध PUCC पकड़े जाने पर 2,000 रुपये का जुर्माना निर्धारित किया गया है। दूसरी बार पकड़े जाने पर जुर्माना बढ़कर 5,000 रुपये होगा।
नई दरों में पहली और दूसरी बार के उल्लंघन के बीच स्पष्ट अंतर रखा गया है। इससे बार-बार नियम तोड़ने वालों पर आर्थिक दबाव बढ़ेगा।
अन्य वाहनों पर 3,000 से 6,000 रुपये
‘अन्य वाहन’ श्रेणी में पहली बार बिना वैध PUCC पकड़े जाने पर 3,000 रुपये का जुर्माना तय किया गया है। दूसरी बार यही गलती दोहराने पर जुर्माना 6,000 रुपये हो जाएगा।
इस श्रेणी के लिए निर्धारित जुर्माना अन्य कई वाहन श्रेणियों की तुलना में अधिक है।
PUCC क्यों है जरूरी
PUCC यानी पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट वाहन के उत्सर्जन स्तर की जांच से जुड़ा दस्तावेज है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वाहन से निकलने वाला प्रदूषण निर्धारित सीमा से अधिक न हो।
समय के साथ वाहनों के इंजन और प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों की स्थिति में बदलाव हो सकता है। इसलिए निर्धारित अवधि पर प्रदूषण की जांच कराना जरूरी होता है।
बिना वैध PUCC के वाहन चलाने पर कार्रवाई का प्रावधान इसी उद्देश्य से किया जाता है कि वाहन मालिक अपने वाहन की प्रदूषण जांच नियमित रूप से कराते रहें।
पहली गलती पर राहत लेकिन दूसरी बार सख्ती
नई व्यवस्था में सरकार ने पहली और दूसरी बार के उल्लंघन के बीच जुर्माने में अंतर रखा है। मोटरसाइकिल और थ्री-व्हीलर में पहली बार 1,000 रुपये से शुरुआत होकर दूसरी बार 2,000 रुपये जुर्माना होगा।
वहीं कार, जीप, मोटर कैब और ट्रैक्टर-ट्रेलर जैसी श्रेणियों में पहली बार 2,000 रुपये और दूसरी बार 5,000 रुपये देना होगा। अन्य वाहनों के लिए यह राशि 3,000 और 6,000 रुपये है।
इससे स्पष्ट है कि सरकार पहली बार नियम तोड़ने पर अपेक्षाकृत कम जुर्माना रख रही है, लेकिन दोबारा उल्लंघन करने पर दंड बढ़ा रही है।
वाहन मालिकों को रखना होगा ध्यान
नई दरों के बाद वाहन मालिकों के लिए अपने PUCC की वैधता पर नजर रखना जरूरी होगा। प्रमाणपत्र की अवधि खत्म होने के बाद समय पर प्रदूषण जांच कराना नियमों के पालन के लिए आवश्यक है।
खासकर व्यावसायिक वाहनों के मालिकों और नियमित रूप से सड़क पर चलने वाले वाहनों के लिए यह और महत्वपूर्ण है।
बिना वैध PUCC के पकड़े जाने पर नई दरों के अनुसार जुर्माना लगाया जा सकता है।
प्रदूषण नियंत्रण पर भी असर
PUCC व्यवस्था का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं बल्कि वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करना भी है। वाहनों की नियमित प्रदूषण जांच से उत्सर्जन मानकों का पालन सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।
यदि कोई वाहन निर्धारित सीमा से अधिक प्रदूषण कर रहा है तो जांच के दौरान उसकी पहचान की जा सकती है और आवश्यक सुधार कराया जा सकता है।
राज्य में वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ प्रदूषण नियंत्रण की चुनौती भी बढ़ती है। ऐसे में PUCC व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखना महत्वपूर्ण है।
नई व्यवस्था से क्या बदला
ओडिशा सरकार द्वारा बताई गई नई दरों के अनुसार मोटरसाइकिल और थ्री-व्हीलर के लिए पहली बार 1,000 और दूसरी बार 2,000 रुपये जुर्माना होगा। ट्रैक्टर-ट्रेलर, मोटर कैब, कार और जीप के लिए यह राशि 2,000 और 5,000 रुपये है। अन्य वाहनों के लिए पहली बार 3,000 और दूसरी बार 6,000 रुपये जुर्माना तय किया गया है।
इस बदलाव के साथ राज्य सरकार ने बिना वैध PUCC वाहन चलाने वालों के लिए जुर्माने की व्यवस्था को श्रेणीवार तय किया है। अब वाहन मालिकों की जिम्मेदारी होगी कि वे अपने वाहनों की प्रदूषण जांच समय पर कराएं और वैध PUCC बनाए रखें।