जेलों में देशभक्ति का रंग, राष्ट्रीय पर्वों पर दिखाई जाएंगी प्रेरक फिल्में

Update: 2026-07-28 10:12 GMT

भुवनेश्वर : ओडिशा के जेल और सुधार सेवा निदेशालय ने कैदियों के बीच देशभक्ति, राष्ट्रीय भावना और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने के लिए एक अनोखी पहल शुरू की है। इसके तहत राज्य की सभी जेलों में स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस और गांधी जयंती जैसे राष्ट्रीय अवसरों पर देशभक्ति से जुड़ी फिल्में और डॉक्यूमेंट्री दिखाई जाएंगी।

जेल और सुधार सेवा निदेशालय ने इस संबंध में राज्य की सभी जेलों को निर्देश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार, सभी रेंज के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) और सर्कल जेलों के सुपरिंटेंडेंट को इन विशेष अवसरों पर कैदियों के लिए फिल्मों और डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग की व्यवस्था करने को कहा गया है।

अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य जेलों में बंद कैदियों को देश के इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्र निर्माण और महापुरुषों के योगदान से परिचित कराना है। इसके माध्यम से कैदियों में सकारात्मक सोच विकसित करने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

जेल प्रशासन का मानना है कि सुधार गृहों में केवल सजा की भावना नहीं होनी चाहिए, बल्कि कैदियों के व्यक्तित्व विकास और मानसिक बदलाव पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। इसी सोच के तहत मनोरंजन और शिक्षा से जुड़े कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

निर्देश के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस और गांधी जयंती के अवसरों पर ऐसी फिल्मों और डॉक्यूमेंट्री का चयन किया जाएगा, जिनमें देश के स्वतंत्रता आंदोलन, राष्ट्र के विकास, सामाजिक मूल्यों और महात्मा गांधी जैसे महान नेताओं के विचारों को दर्शाया गया हो।

अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के कार्यक्रम कैदियों को प्रेरणा देने का काम कर सकते हैं। जेल में लंबे समय तक रहने वाले लोगों के मानसिक स्वास्थ्य और व्यवहार में सुधार के लिए रचनात्मक गतिविधियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

ओडिशा जेल और सुधार सेवा निदेशालय पहले भी कैदियों के पुनर्वास और कौशल विकास के लिए कई पहल करता रहा है। इनमें प्रशिक्षण कार्यक्रम, शिक्षा से जुड़े प्रयास और रोजगारोन्मुख गतिविधियां शामिल हैं। देशभक्ति फिल्मों की स्क्रीनिंग भी इसी दिशा में एक कदम माना जा रहा है।

जेल अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि फिल्म प्रदर्शन के दौरान उचित व्यवस्था की जाए। इसके लिए जेल परिसर में उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर स्क्रीनिंग के लिए अतिरिक्त इंतजाम भी किए जा सकते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, जेलों में सुधारात्मक गतिविधियां कैदियों के व्यवहार परिवर्तन में मदद कर सकती हैं। फिल्मों और डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से सामाजिक और नैतिक संदेश पहुंचाना कैदियों के पुनर्वास की प्रक्रिया को मजबूत कर सकता है।

महात्मा गांधी जयंती जैसे अवसरों पर गांधीजी के अहिंसा, सत्य और सामाजिक सद्भाव के विचारों पर आधारित सामग्री दिखाने से कैदियों को जीवन में सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरणा मिल सकती है। वहीं स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे पर्व राष्ट्रीय जिम्मेदारी और नागरिक कर्तव्यों की भावना को मजबूत करते हैं।

इस पहल को जेलों में सुधारात्मक वातावरण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों को उम्मीद है कि ऐसे कार्यक्रम कैदियों में आत्मचिंतन और सकारात्मक बदलाव की भावना को बढ़ावा देंगे।

ओडिशा सरकार और जेल प्रशासन लगातार यह प्रयास कर रहे हैं कि जेलों को केवल बंदी रखने की जगह के बजाय सुधार और पुनर्वास केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। देशभक्ति फिल्मों और डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाने वाली पहल है।

आने वाले राष्ट्रीय पर्वों पर राज्य की विभिन्न जेलों में इस कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसके जरिए कैदियों को देश के गौरवशाली इतिहास और मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

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