गंजाम। ओडिशा के गंजाम जिले में रविवार को दर्दनाक सड़क हादसे में छह साल की बच्ची की मौत हो गई। घटना बडागाडा पुलिस थाना क्षेत्र के धौपाडा गांव के पास हुई। बताया जा रहा है कि बच्ची सड़क किनारे खड़ी थी, तभी वहां से गुजर रही एक बस ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। गंभीर चोट लगने के कारण बच्ची ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने विरोध करते हुए सड़क जाम कर दी।

मृत बच्ची की पहचान धौपाडा गांव निवासी कृष्णा नायक की छह वर्षीय बेटी कल्पना नायक के रूप में हुई है। कल्पना रविवार को गांव के पास सड़क किनारे खड़ी थी। इसी दौरान सड़क से गुजर रही बस उसके करीब पहुंची और उसे कुचलते हुए निकल गई। हादसा इतनी तेजी से हुआ कि आसपास मौजूद लोगों को बच्ची को बचाने का मौका नहीं मिल सका।

बस की टक्कर से कल्पना गंभीर रूप से घायल हो गई और उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। मासूम की मौत की जानकारी मिलते ही उसके परिजन और गांव के लोग मौके पर पहुंचे। सड़क पर बच्ची का शव देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया।

हादसे से नाराज स्थानीय लोगों ने सड़क पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने वाहनों की आवाजाही रोकते हुए सड़क जाम कर दी। प्रदर्शनकारी बच्ची की मौत के लिए जिम्मेदार बस चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। अचानक हुए प्रदर्शन के कारण मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।

घटना की सूचना मिलने के बाद बडागाडा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों से बातचीत की और उन्हें उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने लोगों से सड़क खाली करने तथा शांति बनाए रखने की अपील की।

ग्रामीणों का कहना था कि सड़क से गुजरने वाले वाहनों की रफ्तार पर नियंत्रण होना चाहिए। गांव के पास लोगों और बच्चों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में वाहन चालकों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। स्थानीय लोगों ने हादसे की पूरी पड़ताल कर जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

पुलिस ने घटना के संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बस और उसके चालक की पहचान से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हादसे के समय बस की गति कितनी थी और चालक ने सड़क किनारे खड़ी बच्ची को क्यों नहीं देखा।

प्रत्यक्षदर्शियों और आसपास मौजूद लोगों के बयान भी मामले में महत्वपूर्ण होंगे। पुलिस उनसे पूछताछ कर हादसे का सही क्रम समझने का प्रयास करेगी। यह भी जांचा जाएगा कि बस चालक ने दुर्घटना के बाद वाहन रोका था या मौके से आगे निकल गया। फिलहाल इस संबंध में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

घटना के बाद बस चालक को हिरासत में लिया गया है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बस को जब्त किए जाने के संबंध में भी पुलिस की ओर से विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया। पुलिस ने केवल घटना की जांच शुरू किए जाने की जानकारी दी है।

छह साल की बच्ची की अचानक मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। कल्पना के माता-पिता को विश्वास नहीं हो रहा कि कुछ ही पलों में उनकी बेटी उनसे हमेशा के लिए दूर हो गई। गांव के लोग भी पीड़ित परिवार के साथ खड़े नजर आए और उन्होंने घटना पर गहरा दुख जताया।

हादसे के बाद सड़क पर जमा भीड़ के कारण तनावपूर्ण स्थिति बन गई। पुलिस ने अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए लोगों को समझाने का प्रयास किया। ग्रामीण हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग पर अड़े रहे। उनका कहना था कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।

स्थानीय लोगों ने गांव के आसपास सड़क सुरक्षा की व्यवस्था बेहतर करने की मांग उठाई। उनका कहना था कि बच्चों और बुजुर्गों की आवाजाही वाले हिस्सों में वाहनों की गति सीमित करने के उपाय किए जाने चाहिए। सड़क संकेतक और अन्य सुरक्षा इंतजाम दुर्घटनाओं को रोकने में सहायक हो सकते हैं।

पुलिस अब घटनास्थल का निरीक्षण कर उपलब्ध साक्ष्य जुटा रही है। आसपास किसी दुकान, घर या प्रतिष्ठान में सीसीटीवी कैमरा लगा होने की स्थिति में उसकी रिकॉर्डिंग की जांच की जा सकती है। वीडियो मिलने पर बस की गति और दुर्घटना की वास्तविक परिस्थितियों को समझने में सहायता मिलेगी।

बस के तकनीकी पहलुओं की भी जांच की जा सकती है। यह देखा जाएगा कि वाहन के ब्रेक और अन्य उपकरण सही स्थिति में थे या नहीं। इसके अलावा चालक के आवश्यक दस्तावेज और बस से संबंधित रिकॉर्ड की पड़ताल भी संभावित जांच का हिस्सा हो सकती है।

घटना में बच्ची सड़क किनारे किस स्थान पर खड़ी थी, यह भी महत्वपूर्ण है। पुलिस मौके की स्थिति, सड़क की चौड़ाई और बस की दिशा के आधार पर दुर्घटना के कारणों को समझेगी। इसके बाद उपलब्ध साक्ष्यों के अनुसार आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

सड़क दुर्घटना में किसी बच्चे की मौत केवल परिवार के लिए ही नहीं बल्कि पूरे समाज के लिए दुखद घटना होती है। छोटे बच्चों को सड़क के आसपास विशेष सुरक्षा की जरूरत होती है। वहीं वाहन चालकों की जिम्मेदारी है कि आबादी और गांव से गुजरते समय गति नियंत्रित रखें और सड़क किनारे मौजूद लोगों पर नजर रखें।

धौपाडा गांव के पास हुए इस हादसे ने सड़क सुरक्षा को लेकर फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का विरोध उनकी नाराजगी और पीड़ा को दर्शाता है। वे चाहते हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और जिम्मेदार व्यक्ति को कानून के अनुसार दंड मिले।

पुलिस ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि घटना से जुड़े सभी तथ्यों की पड़ताल की जाएगी। बस चालक की भूमिका, वाहन की गति और दुर्घटना की परिस्थितियों को जांच के दायरे में रखा गया है। बच्ची के शव को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के लिए भेजे जाने की कार्रवाई भी की गई।

फिलहाल इलाके में स्थिति पर नजर रखी जा रही है। पुलिस प्रदर्शनकारियों के साथ संवाद कर सड़क पर यातायात बहाल कराने का प्रयास कर रही है। ग्रामीणों की मांगों और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जा सकता है।

छह वर्षीय कल्पना नायक की मौत से धौपाडा गांव में मातम पसरा है। एक पल पहले सड़क किनारे खड़ी मासूम अगले ही पल बस की चपेट में आ गई। अब परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं, जबकि पुलिस हादसे की परिस्थितियों और जिम्मेदारी तय करने के लिए जांच में जुटी है।

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