Odisha ओडिशा: हाल ही में तैयार की गई स्कूली पाठ्यपुस्तकों में बड़ी संख्या में गलतियां पाए जाने के मामले ने सरकार को सक्रिय कर दिया है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बुधवार को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने और जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के लिए जांच के आदेश दिए हैं।
यह मामला शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 1 से 8 तक की पाठ्यपुस्तकों से जुड़ा है, जिनमें विभिन्न प्रकार की गंभीर त्रुटियां सामने आई हैं। इन गलतियों को लेकर शिक्षा जगत और अभिभावकों में चिंता व्यक्त की जा रही थी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री माझी ने लोक सेवा भवन में एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में स्कूल और जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड, मुख्य सचिव अनु गर्ग सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में पाठ्यपुस्तकों में पाई गई गलतियों और उनके प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इन गलतियों को तुरंत ठीक करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने इस पूरे मामले की विस्तृत जांच के लिए एक तीन सदस्यीय समिति के गठन का भी आदेश दिया है। यह समिति विकास आयुक्त की अध्यक्षता में काम करेगी और यह पता लगाएगी कि पाठ्यपुस्तकों में गलतियां कैसे हुईं और इसके लिए कौन-कौन जिम्मेदार है।
समिति यह भी जांच करेगी कि पाठ्यपुस्तक निर्माण और प्रकाशन प्रक्रिया में किस स्तर पर लापरवाही हुई और भविष्य में ऐसी गलतियों को रोकने के लिए क्या सुधार किए जा सकते हैं।
शिक्षा विभाग के अनुसार, पाठ्यपुस्तकों में पाई गई गलतियों को गंभीरता से लिया गया है और सुधार कार्य जल्द शुरू किया जाएगा। सरकार का कहना है कि छात्रों की शिक्षा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि पाठ्यपुस्तकों में इस तरह की त्रुटियां शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करती हैं, इसलिए समय पर सुधार और जिम्मेदारी तय करना बेहद जरूरी है।
फिलहाल सरकार ने मामले की जांच शुरू कर दी है और समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।