ओडिशा में “A Roof for All” पहल की तैयारी, 2036 तक 80% शहरी आबादी को आवास देने का लक्ष्य
Odisha ओडिशा: ओडिशा के हाउसिंग और अर्बन डेवलपमेंट मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्रा ने एक समीक्षा बैठक के दौरान राज्य में नई शहरी आवास नीति “A Roof for All” शुरू करने की घोषणा की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आवास उपलब्ध कराना और घरों तक पहुंच को व्यापक बनाना है।
मंत्री के अनुसार इस योजना का लक्ष्य वर्ष 2036 तक राज्य की लगभग 80 प्रतिशत शहरी आबादी को आवास सुविधा उपलब्ध कराना है। इस महत्वाकांक्षी योजना को तीन स्तरों पर लागू किया जाएगा, जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), निम्न आय वर्ग (LIG) और प्रवासी तथा अस्थायी रूप से रहने वाली आबादी के लिए विशेष रेंटल हाउसिंग मॉडल शामिल होगा।
सरकार ने इस योजना की शुरुआत के लिए राउरकेला शहर को चुना है। प्रारंभिक चरण के बाद इसे धीरे-धीरे राज्य के अन्य शहरों में भी लागू किया जाएगा। इस संबंध में जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे परियोजनाओं के लिए उपयुक्त भूमि की पहचान करें और उसे प्राथमिकता के आधार पर आवंटित करें, ताकि काम समय पर पूरा हो सके।
बैठक के दौरान मंत्री महापात्रा ने योजनाबद्ध और वैज्ञानिक शहरी विकास पर भी जोर दिया। उन्होंने लैंड पूलिंग मॉडल पर आधारित टाउन प्लानिंग स्कीम की समीक्षा की। इस मॉडल के तहत कुल भूमि का 40 प्रतिशत हिस्सा सड़क, जल निकासी, सीवरेज और अन्य नागरिक सुविधाओं जैसे सार्वजनिक ढांचे के लिए उपयोग किया जाएगा, जबकि शेष 60 प्रतिशत भूमि विकास के बाद मूल भूमि मालिकों को वापस दी जाएगी।
इसके साथ ही मंत्री ने मुख्यमंत्री की स्मार्ट सिटी योजना के तहत चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की। इस योजना के पहले चरण में 49 शहरों को विकास के लिए चिन्हित किया गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन शहरों में आधुनिक सड़क नेटवर्क, बेहतर पेयजल आपूर्ति, मजबूत सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम तथा शहरी सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाए।
महापात्रा ने कहा कि शहरी विकास योजनाओं का उद्देश्य केवल निर्माण नहीं, बल्कि नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर प्रदान करना होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से परियोजनाओं को पूरा करने और गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर दिया।
इस पहल को राज्य के शहरी विकास में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले वर्षों में ओडिशा के शहरों में आवासीय ढांचे और बुनियादी सुविधाओं में बड़ा सुधार देखने की उम्मीद है।