Odisha: किसान दिवस पर मुख्यमंत्री माझी ने 838 करोड़ रुपये की सहायता जारी की
Odisha ओडिशा: अक्षय तृतीया और राज्य किसान दिवस के अवसर पर किसानों के लिए बड़ी आर्थिक सहायता की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को CM किसान स्कीम के तहत लाखों किसानों को वित्तीय सहायता जारी की।
सरकारी जानकारी के अनुसार, इस योजना के तहत कुल 41,68,582 किसानों को 838.48 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद प्रदान की गई है। यह राशि सीधे किसानों के खातों में भेजी गई, जिसका उद्देश्य खेती-किसानी को मजबूत करना और किसानों की आय में सुधार करना है।
यह कार्यक्रम कटक स्थित सेंट्रल राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट (CRRI) में आयोजित किया गया। इस बड़े आयोजन में मुख्यमंत्री ने किसानों के हित में कई नई योजनाओं और पहलों की भी घोषणा की।
कार्यक्रम की शुरुआत कृषि भूमि पर भूमि पूजा के साथ हुई, जिसके बाद पारंपरिक कृषि अनुष्ठान ‘अखी मुठी अनुकूला’ का आयोजन किया गया। यह रस्म ओडिशा में धान की बुवाई की शुरुआत के प्रतीक के रूप में मनाई जाती है। मुख्यमंत्री ने स्वयं इस परंपरा में भाग लेकर कृषि संस्कृति को सम्मान दिया।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने कृषि से संबंधित एक प्रदर्शनी का निरीक्षण किया, जिसमें आधुनिक खेती तकनीक, बीज उत्पादन और कृषि उपकरणों को प्रदर्शित किया गया था। इस दौरान किसानों और विशेषज्ञों के बीच संवाद भी हुआ।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दो विशेष कृषि पहलों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इनमें ‘अमा बिहाना रथ’ और ‘कृषि रथ’ शामिल हैं। ‘अमा बिहाना रथ’ का उद्देश्य किसानों तक बेहतर बीज पहुंचाना है, जबकि ‘कृषि रथ’ ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि से जुड़ी जानकारी और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने के लिए शुरू किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के विकास के लिए लगातार काम कर रही है और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिक तकनीक और पारंपरिक खेती को साथ लेकर आगे बढ़ने की जरूरत है ताकि किसानों को अधिक लाभ मिल सके।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, कृषि विशेषज्ञ और अधिकारी मौजूद रहे। किसानों ने इस आर्थिक सहायता और नई पहलों का स्वागत किया और इसे कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।
राज्य सरकार का मानना है कि इस तरह की योजनाओं से किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और कृषि उत्पादन में भी वृद्धि होगी। साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
कुल मिलाकर, अक्षय तृतीया और किसान दिवस के मौके पर लिया गया यह फैसला ओडिशा में कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने की पहल के रूप में देखा जा रहा है।