Odisha ओडिशा: पूर्वी तट पर बढ़ते चक्रवात मोंथा (Cyclone Montha) के खतरे को देखते हुए ओडिशा सरकार ने राज्य के संवेदनशील जिलों में विशेष सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। विशेष रूप से मलकानगिरी जिले में प्रशासन ने गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त कदम उठाए हैं। जिले में अगले 15 दिनों के भीतर प्रसव की संभावना वाली महिलाओं को सुरक्षित स्थानों पर ‘मां गृह’ (मेटरनिटी वेटिंग होम) में स्थानांतरित किया गया है। मलकानगिरी के जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने संयुक्त रूप से यह कदम उठाया है ताकि चक्रवात की स्थिति में प्रसव के दौरान किसी प्रकार की आपात स्थिति या स्वास्थ्य संकट न उत्पन्न हो। जिला प्रशासन ने बताया कि जिले के सात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों — मथिली, पापलुर, पदिया, कोरुकुंडा, पोट्टी, कलिमेला और मलकानगिरी मुख्य केंद्र — में ये मां गृह सक्रिय किए गए हैं।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी (CDMO) ने बताया कि, “चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए सभी स्वास्थ्यकर्मियों को अलर्ट पर रखा गया है। मलकानगिरी जिला आपदा-प्रवण क्षेत्र है, इसलिए गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।” उन्होंने कहा कि सभी मां गृहों में डॉक्टर, नर्सें, एम्बुलेंस और आवश्यक दवाइयां पहले से उपलब्ध करा दी गई हैं। जानकारी के अनुसार, जिले के सुदूर ग्रामीण इलाकों से 80 से अधिक गर्भवती महिलाओं को मां गृहों में शिफ्ट किया गया है। इन प्रतीक्षालयों में उन्हें भोजन, पानी, बिस्तर और मेडिकल सुविधा दी जा रही है। जिला प्रशासन ने यह भी कहा है कि अगर चक्रवात का असर बढ़ता है तो अन्य गर्भवती महिलाओं को भी निकटतम स्वास्थ्य केंद्रों में लाने के लिए 108 एम्बुलेंस और आंगनवाड़ी नेटवर्क का उपयोग किया जाएगा।
इसके अलावा, जिला आपदा प्रबंधन समिति ने 24×7 कंट्रोल रूम स्थापित किया है जो सभी स्वास्थ्य केंद्रों और ब्लॉक कार्यालयों के संपर्क में रहेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में ASHA और ANM कार्यकर्ताओं को भी सक्रिय किया गया है ताकि किसी भी प्रसव या आपात स्थिति की तुरंत सूचना मिल सके। जिला कलेक्टर ने कहा कि “हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि किसी भी महिला को प्रसव के दौरान परेशानी न हो। बिजली और संचार बाधित होने की स्थिति में भी बैकअप व्यवस्था तैयार है। ओडिशा राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (OSDMA) के अनुसार, मलकानगिरी, गजपति, गंजाम, कोरापुट और रायगड़ा जिलों को उच्च जोखिम वाले क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया गया है। इन जिलों में राहत दलों को तैनात कर दिया गया है और नौसेना व NDRF की टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है। राज्य सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
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